रिपोर्ट: अंकित पांडेय
हमीरपुर। कलेक्ट्रेट सभागार में विद्युत व्यवस्था की समीक्षा बैठक में जिलाधिकारी अभिषेक गोयल ने बिजली विभाग के अफसरों की जमकर क्लास लगा दी। आंकड़ों के बिना पहुंचे अफसरों पर डीएम ने कड़ी नाराजगी जताई और दो टूक कहा कि बिजली जैसी बुनियादी सुविधा में लापरवाही किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं होगी।
जर्जर पोल और झूलते तारों पर फटकार
डीएम ने साफ निर्देश दिए कि जिले में जहां भी बिजली के पोल क्षतिग्रस्त हैं, उन्हें तत्काल बदला जाए और जहां तार झूल रहे हैं, उन्हें तुरंत दुरुस्त किया जाए। आपूर्ति बाधित होने पर बहाली में देरी हुई तो संबंधित की जवाबदेही तय होगी।
बिना तैयारी आए अफसर, DM ने लगाई लताड़:
बैठक में तहसील और ब्लॉकवार बिजली की मांग, क्षमता और आपूर्ति का कोई ठोस आंकड़ा नहीं दिया गया। इस पर डीएम भड़क गए और कहा कि समीक्षा बैठक औपचारिकता नहीं है। अगली बार तथ्यपरक और अपडेटेड डेटा के साथ आएं, नहीं तो कार्रवाई होगी।
टॉप-10, टॉप-20 बकायेदारों की लिस्ट तलब:
राजस्व वसूली में लचर प्रदर्शन पर भी DM ने नाराजगी जताई। उन्होंने अधिशासी अभियंता को निर्देश दिया कि बड़े बकायेदारों की टॉप-10 और टॉप-20 लिस्ट बनाकर वसूली अभियान तेज किया जाए। लंबे समय से लंबित बकाया प्रकरणों में सख्त कार्रवाई हो।
IGRS में फर्जीवाड़ा नहीं चलेगा
डीएम ने कहा कि विद्युत, जल निगम और जल जीवन मिशन की शिकायतें सबसे ज्यादा आ रही हैं। अब IGRS शिकायतों के निस्तारण में सिर्फ कागजी खानापूर्ति नहीं चलेगी। अधिकारी खुद मौके पर जाकर सत्यापन करेंगे और जियो-टैग फोटो के साथ आख्या अपलोड करेंगे।
साथ ही डीएम ने दो सप्ताह के भीतर जनपद के सभी सातों विकासखंडों में ग्राम प्रधानों और जनप्रतिनिधियों के साथ बैठक कर स्थानीय बिजली समस्याओं के स्थायी समाधान की कार्ययोजना बनाने के निर्देश दिए। डीएम ने दो टूक कहा- जनता को बेहतर बिजली देना विभाग की जिम्मेदारी है, इसमें शिथिलता बरतने वालों को बख्शा नहीं जाएगा।
