रिपोर्ट – अचल प्रताप सिंह
बरेली। विधानसभा चुनाव-2027 से पहले भाजपा ने अपने विधायकों के कामकाज और जमीनी स्थिति की समीक्षा शुरू कर दी है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ मंगलवार को लखनऊ में बरेली मंडल के विधायकों और संगठन अध्यक्षों के साथ अहम बैठक करेंगे। बैठक में विधायकों के विकास कार्यों, जनता के बीच सक्रियता और क्षेत्र की राजनीतिक स्थिति की समीक्षा की जा सकती है।
विकास कार्य से लेकर जनता में छवि तक की होगी समीक्षा
बैठक में प्रत्येक विधायक से अपने विधानसभा क्षेत्र में कराए गए विकास कार्यों और पांच साल की प्रमुख उपलब्धियों का ब्योरा मांगा जा सकता है। इसके साथ ही जनता के बीच विधायक की सक्रियता, संगठन के साथ तालमेल और क्षेत्र के मौजूदा राजनीतिक समीकरणों पर भी चर्चा होने की संभावना है।
मुख्यमंत्री का बुलावा मिलने के बाद कई जनप्रतिनिधि सोमवार रात ही लखनऊ रवाना हो गए, जबकि कुछ मंगलवार सुबह राजधानी पहुंचेंगे।
2022 में 25 में से 21 सीटों पर जीती थी भाजपा
विधानसभा चुनाव-2022 में भाजपा ने बरेली मंडल की 25 में से 21 विधानसभा सीटों पर जीत दर्ज की थी। बरेली जिले की नौ सीटों में से सात पर भाजपा ने जीत हासिल की थी, जबकि भोजीपुरा और बहेड़ी सीटें समाजवादी पार्टी के खाते में गई थीं। फरीदपुर विधायक प्रो. श्यामबिहारी लाल के निधन के बाद यह सीट फिलहाल रिक्त है।
शाहजहांपुर की सभी छह और पीलीभीत की चारों विधानसभा सीटों पर भाजपा ने जीत दर्ज की थी। वहीं, बदायूं की छह सीटों में भाजपा और सपा ने तीन-तीन सीटें जीती थीं। बाद में बिसौली से सपा विधायक आशुतोष मौर्य की भाजपा से बढ़ती नजदीकियों ने जिले के राजनीतिक समीकरणों को प्रभावित किया।
आंवला-बदायूं में हार के बाद बढ़ी सक्रियता
लोकसभा चुनाव-2024 में आंवला और बदायूं सीट पर मिली हार के बाद भाजपा नेतृत्व विधानसभा चुनाव को लेकर अपनी तैयारियों को और मजबूत करने में जुटा है। इसी क्रम में विधायकों के कामकाज के साथ उनकी क्षेत्रीय सक्रियता, लोकप्रियता और स्थानीय राजनीतिक समीकरणों की भी समीक्षा की जा रही है।
वन एवं पर्यावरण मंत्री डॉ. अरुण कुमार ने कहा कि मुख्यमंत्री विधायकों से उनके क्षेत्रों में हुए विकास कार्यों की जानकारी लेंगे। वहीं, बरेली कैंट विधायक संजीव अग्रवाल ने बताया कि मुख्यमंत्री समय-समय पर मंडल के विधायकों के साथ बैठक कर विकास योजनाओं और क्षेत्रीय स्थिति की समीक्षा करते हैं।
