रिपोर्ट: अमित शुक्ला
औरैया। पुलिस अधिकारी की पहचान का दुरुपयोग कर बिजली चोरी के मुकदमे में कार्रवाई से बचाने के नाम पर साइबर ठगी का प्रयास करने वाले दो आरोपियों कोथाना पुलिस ने गिरफ्तार किया है।
आरोपियों ने पीड़ित को फोन कर मुकदमा दर्ज न कराने के एवज में 15 हजार रुपये मांगे थे। भुगतान के लिए व्हाट्सएप पर क्यूआर कोड भी भेजा गया था। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से तीन एंड्रॉयड मोबाइल फोन बरामद किए हैं।
मुकदमे से बचाने के नाम पर मांगे रुपये
पुलिस के अनुसार, 20 अगस्त को विद्युत विभाग की प्रवर्तन टीम ने कोतवाली औरैया क्षेत्र के निगड़ा गांव में चेकिंग के दौरान ओमकांत पुत्र श्यामबाबू चतुर्वेदी को बिजली चोरी करते पकड़ा था। इसके बाद 21 अगस्त को थाना विद्युत चोरी निरोधक, औरैया में विद्युत अधिनियम की धारा 135 के तहत मुकदमा दर्ज किया गया।
आरोप है कि 22 अगस्त को एक अज्ञात व्यक्ति ने ओमकांत को फोन किया। मोबाइल पर ट्रूकॉलर में कॉल करने वाले का नंबर दरोगा कृष्णकांत प्रजापति के नाम से प्रदर्शित हो रहा था। फोन करने वाले ने मुकदमा दर्ज न कराने के एवज में 15 हजार रुपये की मांग की और रकम प्राप्त करने के लिए व्हाट्सएप पर क्यूआर कोड भेज दिया।
शिकायत के बाद साइबर पुलिस ने शुरू की जांच
मामले में विद्युत विभाग के अवर अभियंता होरीलाल ने साइबर थाने में शिकायत दर्ज कराई। तहरीर के आधार पर मुकदमा दर्ज कर पुलिस ने तकनीकी और मैनुअल साक्ष्यों की मदद से जांच शुरू की। मुखबिर से मिली सूचना के आधार पर चार अक्टूबर को साइबर थाना पुलिस ने ककोर बंबा के पास से दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया।
ऑनलाइन माध्यमों से जुटाते थे लोगों की जानकारी
पुलिस के मुताबिक, पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि उनका एक अन्य साथी यूपी कॉप जैसे ऑनलाइन माध्यमों से मुकदमों से जुड़े लोगों के नाम, पते और मोबाइल नंबर जुटाकर उन्हें उपलब्ध कराता था। इसके बाद वे खुद को पुलिस अधिकारी बताकर मुकदमा निपटाने या कार्रवाई से बचाने के नाम पर लोगों से रुपये मांगते थे।
पुलिस के अनुसार, ठगी की रकम क्यूआर कोड के जरिए अलग-अलग बैंक खातों में मंगाई जाती थी। इस काम में इस्तेमाल किए जाने वाले सिम कार्ड और बैंक खाते भी कथित तौर पर अन्य लोगों को पैसों का लालच देकर हासिल किए जाते थे।
मध्य प्रदेश के निवासी हैं गिरफ्तार आरोपी
पुलिस ने गिरफ्तार आरोपियों की पहचान कृष्णकांत यादव और मोहित यादव, निवासी थाना पृथ्वीपुर, जनपद निवाड़ी, मध्य प्रदेश के रूप में की है। दर्ज मुकदमे में धारा 3(5) बीएनएस की बढ़ोतरी करते हुए पुलिस ने आगे की विधिक कार्रवाई शुरू कर दी है।
इस कार्रवाई में साइबर थाना प्रभारी निरीक्षक राजीव कुमार और उपनिरीक्षक हेमंत चौधरी शामिल रहे।
पुलिस ने आम लोगों से अपील की है कि यदि कोई व्यक्ति पुलिस अधिकारी बनकर फोन पर रुपये की मांग करता है, तो उसकी पहचान और दावे का सत्यापन किए बिना भुगतान न करें। ऐसे मामलों की सूचना तत्काल संबंधित थाने या साइबर पुलिस को दें।
