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लखनऊ में बाढ़ का कहर: बेहता नाले में युवक लापता, फैजुल्लागंज में हजारों घर जलमग्न; राहत के लिए परेशान लोग

लखनऊ। राजधानी लखनऊ में बाढ़ और जलभराव से लोगों की मुश्किलें लगातार बढ़ रही हैं। एक ओर बेहता नाले में भैंस को बचाने के दौरान एक युवक लापता हो गया, वहीं दूसरी ओर गोमती नदी का बढ़ता जलस्तर शहर के कई इलाकों में परेशानी का कारण बना हुआ है। फैजुल्लागंज में बाढ़ के हालात गंभीर हैं। कई बस्तियों में पानी भरने से लोगों को सुरक्षित स्थानों तक पहुंचने के लिए नावों का सहारा लेना पड़ रहा है। वहीं, राहत और बचाव कार्यों को लेकर स्थानीय लोगों में नाराजगी भी सामने आ रही है।

भैंस को बचाने नाले में उतरा युवक, तेज बहाव में बहा

लखनऊ के रहीमाबाद थाना क्षेत्र में गुरुवार शाम बेहता नाले में भैंस को बचाने के दौरान एक युवक लापता हो गया। जानकारी के मुताबिक, तरौना गांव में भैंस को निकालने के लिए रोहित नाले में उतरा था। उसे डूबता देखकर 18 वर्षीय सूरज रस्सी के सहारे पानी में उतर गया। रोहित को पकड़ने के बाद सूरज तेज बहाव में बह गया।

बताया जा रहा है कि नाले में करीब 30 फीट गहरा पानी होने के कारण युवक को बचाने में मुश्किल आई। उसके दोस्तों ने भी उसे बचाने का प्रयास किया, लेकिन सफलता नहीं मिली। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और सात गोताखोरों की टीम को तलाश में लगाया गया। कई घंटे तक खोजबीन के बावजूद युवक का पता नहीं चल सका। शुक्रवार को भी सर्च अभियान जारी रहा।

युवक की तलाश के लिए स्कूबा डाइवर टीम बुलाने की मांग को लेकर परिजन और ग्रामीणों ने लखनऊ-हरदोई मार्ग पर जाम लगा दिया। ग्रामीण सड़क पर लेट गए और लाठी-डंडे डालकर विरोध जताया। मौके पर पहुंची पुलिस ने लोगों को समझाकर शांत कराया। करीब आधे घंटे तक जाम के कारण सड़क के दोनों ओर वाहनों की कतारें लगी रहीं।

गोमती का जलस्तर बढ़ने से कई इलाकों में जलभराव

गोमती नदी का जलस्तर लगातार बढ़ने से शहर के कई हिस्से प्रभावित हुए हैं। वीआईपी इलाकों की सड़कों पर पानी भर गया है। लेटे हनुमान मंदिर, हनुमंत धाम और गोमती तट स्थित नीम करौरी तपोस्थली समेत कई धार्मिक स्थलों में पानी घुसने की सूचना है। नीम करौरी तपोस्थली में जलभराव के कारण पूजा रोक दी गई है। मंदिर के भोग कक्ष में भी पानी भर गया है।

इकाना स्टेडियम और पलासियो मॉल के आसपास जलभराव को नियंत्रित करने के लिए पंपिंग सेट लगाए गए। लखनऊ विकास प्राधिकरण के अनुसार, आठ अक्टूबर की रात तक प्रभावित क्षेत्रों में पानी निकालने और जलभराव कम करने के प्रयास किए गए। हालांकि, नदी के जलस्तर में बढ़ोतरी और निचले इलाकों में पानी जमा होने से स्थिति चुनौतीपूर्ण बनी हुई है।

फैजुल्लागंज में हालात गंभीर, नावों के इंतजार में लोग

फैजुल्लागंज में बाढ़ से प्रभावित परिवारों की परेशानियां बढ़ती जा रही हैं। कई इलाकों में घरों और गलियों में पानी भर गया है। स्थानीय लोगों के मुताबिक, कुछ स्थानों पर पानी का स्तर काफी अधिक है और लोगों को घरों से बाहर निकलने के लिए नावों की जरूरत पड़ रही है।

प्रशासन की ओर से 40 से अधिक नावें चलाए जाने की जानकारी दी गई है, लेकिन स्थानीय लोगों का कहना है कि प्रभावित आबादी के मुकाबले नावों की संख्या पर्याप्त नहीं है। मिल्लत नगर ढाल में रहने वाले लोगों ने बताया कि वहां सीमित नावें चलने के कारण घंटों इंतजार करना पड़ता है। गणेश विहार में भी लोग नाव का इंतजार करते नजर आए।

कई परिवार अपने बुजुर्गों और बच्चों को सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाने के लिए खुद अस्थायी नाव तैयार कर रहे हैं। बाढ़ के बीच लोगों को भोजन, पीने के पानी और सुरक्षित आवागमन की चिंता सता रही है।

राहत नहीं मिलने का आरोप, पानी में बैठकर किया प्रदर्शन

फैजुल्लागंज में राहत व्यवस्था को लेकर नाराजगी भी सामने आई। मौर्य मार्केट के पास लोहरा मऊ निवासी आदर्श वर्मा पानी में बैठकर प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी करने लगे। उनका आरोप है कि दो दिनों से उनके घर तक राहत सामग्री नहीं पहुंची। शिकायत लेकर राहत शिविर जाने पर उनके साथ अभद्रता की गई।

आदर्श वर्मा का कहना है कि उनका घर राहत शिविर से करीब 200 मीटर की दूरी पर है, इसके बावजूद उन्हें जरूरी सहायता नहीं मिली। उन्होंने आरोप लगाया कि राहत सामग्री बाढ़ प्रभावित अंदरूनी इलाकों तक पर्याप्त मात्रा में नहीं पहुंच रही है।

बिजली और पानी की किल्लत से भी जूझ रहे लोग

कृष्ण लोक कॉलोनी में पिछले तीन दिनों से बिजली आपूर्ति बाधित होने की शिकायत सामने आई है। स्थानीय लोगों के अनुसार, बिजली नहीं आने से पानी की समस्या भी गंभीर हो गई है। लोगों को पीने के पानी और रोजमर्रा के कामों के लिए पानी जुटाने में परेशानी हो रही है।

वहीं, मिल्लत नगर ढाल के रैन बसेरे में ठहरे एक युवक ने मोबाइल चोरी होने की शिकायत की। बाढ़ के कारण घर छोड़कर सुरक्षित स्थानों पर पहुंचे लोगों को अब अपने सामान की सुरक्षा की चिंता भी सता रही है।

प्रशासन के सामने राहत और बचाव की बड़ी चुनौती

लखनऊ में बाढ़ की स्थिति ने राहत और बचाव व्यवस्था के सामने चुनौती खड़ी कर दी है। एक तरफ बेहता नाले में लापता युवक की तलाश जारी है, तो दूसरी ओर जलभराव से प्रभावित परिवार सुरक्षित आवागमन, बिजली, पानी और राहत सामग्री के लिए परेशान हैं।

सिंचाई विभाग के आंकड़ों के मुताबिक, गोमती नदी के कुछ निगरानी केंद्रों पर जलस्तर में बढ़ोतरी दर्ज की गई, जबकि सीतापुर के नैमिषारण्य और भटपुरवा में पानी घटने की जानकारी दी गई। ऐसे में शहर के प्रभावित इलाकों में जलस्तर की निगरानी, समय पर राहत सामग्री पहुंचाना और जरूरतमंद लोगों को सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाना प्रशासन के लिए अहम बना हुआ है।

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