न्यूज डेस्क , प्रयागराज
प्रयागराज। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गुरुवार को प्रयागराज के तेलियरगंज चौराहे पर स्वतंत्रता संग्राम सेनानी, संविधान सभा के सदस्य और पूर्व सांसद महाशय मसुरियादीन पासी की प्रतिमा का अनावरण किया।
इस दौरान उन्होंने कांग्रेस नेता राहुल गांधी पर निशाना साधते हुए कहा कि देश की आजादी के लिए सिर्फ पंडित जवाहरलाल नेहरू ही नहीं, बल्कि मसुरियादीन पासी भी जेल गए थे।

मुख्यमंत्री ने कहा कि महाशय मसुरियादीन पासी ने स्वतंत्रता आंदोलन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी। वह अपने जीवन के करीब नौ वर्ष जेल में रहे और रिहा होने के बाद भी जनजागरण के कार्य में जुटे रहे। उन्होंने कहा कि ऐसे स्वतंत्रता सेनानियों के योगदान को याद रखना और नई पीढ़ी तक उनकी विरासत पहुंचाना जरूरी है।

मसुरियादीन पासी के नाम पर होगा चौराहा
सीएम योगी ने घोषणा की कि तेलियरगंज में जिस स्थान पर मसुरियादीन पासी की प्रतिमा स्थापित की गई है, उस चौराहे का नाम उनके नाम पर रखा जाएगा। इसके लिए उन्होंने महापौर से प्रस्ताव तैयार करने को कहा। साथ ही प्रयागराज की किसी प्रतिष्ठित संस्था का नाम भी महाशय मसुरियादीन पासी के नाम पर रखने की बात कही। मुख्यमंत्री ने कहा कि महापुरुषों को सम्मान देने से समाज आगे बढ़ता है। अतीत के योगदान को सम्मान देकर वर्तमान को बेहतर बनाया जा सकता है और भविष्य को उज्ज्वल किया जा सकता है।
नेहरू के साथ संसद पहुंचे थे मसुरियादीन पासी
मुख्यमंत्री ने बताया कि मसुरियादीन पासी 1946 में उत्तर प्रदेश विधानसभा के सदस्य बने थे। इसके बाद वह 1952 से 1972 तक चार बार संसद के लिए चुने गए। उन्होंने कहा कि 1952 में पंडित जवाहरलाल नेहरू और मसुरियादीन पासी एक साथ संसद पहुंचे थे।
सीएम योगी के मुताबिक, अंग्रेजों ने 1871 में जरायम पेशा कानून लागू किया था, जिसके तहत पासी सहित कई समुदायों को सामाजिक अपमान और भेदभाव का सामना करना पड़ा। बाबा साहेब डॉ. भीमराव आंबेडकर और मसुरियादीन पासी ने इस कानून के खिलाफ आवाज उठाई।
मुख्यमंत्री ने कहा कि इस कानून को समाप्त कराने के प्रयासों से वंचित और दलित समाज को सम्मानजनक जीवन की दिशा में आगे बढ़ने का अवसर मिला।
पासी समाज के वीरों के योगदान का किया उल्लेख
मुख्यमंत्री ने पासी समाज के ऐतिहासिक योगदान का जिक्र करते हुए महाराजा बिजली पासी, वीर मक्का पासी और वीरांगना ऊदा देवी के शौर्य और बलिदान को याद किया। उन्होंने बताया कि महाराजा बिजली पासी ने 12वीं सदी में लखनऊ और आसपास के क्षेत्रों में किलों का निर्माण कराया था। वहीं, वीर मक्का पासी के बलिदान के बाद वीरांगना ऊदा देवी ने अंग्रेजों के खिलाफ मोर्चा संभाला था।
योगी आदित्यनाथ ने कहा कि उनकी सरकार ने लखनऊ में महाराजा बिजली पासी के किले के पुनरुद्धार का काम किया है। साथ ही वीरांगना ऊदा देवी के नाम पर पीएसी बटालियन गठित की जा रही है, जहां उनकी भव्य अश्वारोही प्रतिमा भी स्थापित की जा रही है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि महापुरुषों का सम्मान किसी एक परिवार की बपौती नहीं है। जिन लोगों ने देश और समाज के लिए अपना जीवन समर्पित किया, उन्हें उचित सम्मान मिलना चाहिए। उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार विकास के साथ विरासत को भी महत्व देती है और महापुरुषों की स्मृतियों को संरक्षित करने के लिए प्रतिबद्ध है।
कार्यक्रम में उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य, कैबिनेट मंत्री स्वतंत्र देव सिंह, नंद गोपाल गुप्ता नंदी, महापौर उमेश चंद्र गणेश केसरवानी, फूलपुर सांसद प्रवीण पटेल, विधायक हर्षवर्धन वाजपेयी, पीयूष रंजन निषाद, वाचस्पति पासी, दीपक पटेल, गुरु प्रसाद मौर्य, विधान परिषद सदस्य लालजी प्रसाद निर्मल और सुरेंद्र चौधरी सहित अन्य जनप्रतिनिधि मौजूद रहे। इस अवसर पर मसुरियादीन पासी की पुत्री कमला कुमारी और उनके पौत्र सचिन कुमार भी उपस्थित रहे।
