रिपोर्ट – अभिषेक मिश्रा
कानपुर के दलेल पुरवा स्थित जामिया तुत तय्येबात अरबी कॉलेज में ‘अपना मुकाम पैदा कर’ विषय पर एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया गया।
इसमें छात्राओं, शिक्षकों और अभिभावकों के लिए तीन अलग-अलग प्रशिक्षण सत्र आयोजित हुए। कार्यशाला का उद्देश्य छात्राओं को शिक्षा और करियर के प्रति जागरूक करना, शिक्षकों की शिक्षण क्षमता को बेहतर बनाना और अभिभावकों को बच्चों की शिक्षा एवं संस्कार निर्माण में उनकी भूमिका समझाना रहा।
कार्यक्रम का शुभारंभ कॉलेज की छात्रा इकरा इज़हार ने पवित्र कुरआन के पाठ से किया। इसके बाद संस्थान के शिक्षक मौलाना शादाब सलीम फलाही ने उद्घाटन संबोधन दिया। उन्होंने जामिया तुत तय्येबात के शैक्षिक एवं नैतिक उद्देश्यों पर प्रकाश डालते हुए कहा कि छात्राओं को सही दिशा देने, शिक्षकों को समय-समय पर प्रशिक्षण प्रदान करने और शिक्षा व्यवस्था में अभिभावकों की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करने से सकारात्मक परिणाम हासिल किए जा सकते हैं।

कार्यशाला के मुख्य अतिथि एवं प्रमुख वक्ता पुणे स्थित राब्ता फाउंडेशन के अध्यक्ष और अंतरराष्ट्रीय प्रेरक वक्ता सैयद सईद अहमद रहे। उन्हें शैक्षिक मार्गदर्शन, शिक्षक प्रशिक्षण और शिक्षा व्यवस्था में सुधार के क्षेत्र में व्यापक अनुभव प्राप्त है। वे विभिन्न शैक्षिक संस्थानों में प्रशिक्षण कार्यक्रमों के माध्यम से शिक्षा की गुणवत्ता बेहतर बनाने के लिए काम कर रहे हैं
सैयद सईद अहमद ने तीनों प्रशिक्षण सत्रों में प्रतिभागियों को संबोधित किया। छात्राओं के सत्र में उन्होंने शिक्षा के महत्व, सही करियर चुनने और भविष्य की योजना बनाने के बारे में विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने छात्राओं को अपने लक्ष्य निर्धारित करने और उन्हें हासिल करने के लिए निरंतर प्रयास करने के लिए प्रेरित किया।
शिक्षकों के लिए आयोजित सत्र में प्रभावी शिक्षण विधियों, पढ़ाने के बेहतर तरीकों और शिक्षण कौशल को विकसित करने पर चर्चा हुई। वहीं, अभिभावकों के सत्र में बच्चों की शिक्षा, संस्कार निर्माण और उनके साथ बेहतर संवाद स्थापित करने की आवश्यकता पर जोर दिया गया।
कार्यक्रम के दौरान इस बात पर बल दिया गया कि शिक्षा का उद्देश्य केवल पाठ्यपुस्तकों तक सीमित नहीं होना चाहिए, बल्कि विद्यार्थियों के व्यक्तित्व विकास, आत्मविश्वास और भविष्य निर्माण पर भी ध्यान दिया जाना चाहिए। साथ ही, छात्राओं, शिक्षकों और अभिभावकों को अपनी जिम्मेदारियों को समझते हुए शिक्षा व्यवस्था को अधिक प्रभावी बनाने के लिए प्रेरित किया गया।
कार्यक्रम के समापन पर कॉलेज की प्राचार्या मोहतरमा स्वालेहा सालेहाती साहिबा ने समापन संबोधन दिया और मुख्य अतिथि के प्रति आभार व्यक्त किया। उन्होंने कार्यशाला को छात्राओं की शैक्षिक प्रगति, शिक्षकों की व्यावसायिक दक्षता और अभिभावकों की सकारात्मक भागीदारी को बढ़ावा देने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल बताया।
इस अवसर पर कॉलेज के निदेशक अहमद फ़राज़ असलम, आदिल अहसन फलाही और तैय्यबात प्राइमरी स्कूल की प्राचार्या मोहतरमा ज़ैनबुल ग़ज़ाली तैय्यबाती साहिबा सहित अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे ।
