न्यूज़ डेस्क, लखनऊ। उत्तर प्रदेश की 68,500 सहायक शिक्षक भर्ती-2018 में आरक्षण संबंधी विसंगतियों को लेकर अभ्यर्थियों का आंदोलन लगातार जारी है। विजयदशमी के अवसर पर अभ्यर्थियों ने प्रतीकात्मक रूप से ‘आरक्षण चोर’ के रावण रूपी पुतले का दहन कर अपना विरोध दर्ज कराया। अभ्यर्थियों ने आरोप लगाया कि भर्ती प्रक्रिया में आरक्षण संबंधी कथित अनियमितताओं के कारण उन्हें लंबे समय से न्याय और नियुक्ति के लिए संघर्ष करना पड़ रहा है। अपनी मांगों को लेकर उनका धरना बुधवार को 50वें दिन भी जारी रहा। अभ्यर्थियों ने चेतावनी दी कि मांगों पर उचित निर्णय नहीं होने पर 26 अक्टूबर 2026 से भूख हड़ताल शुरू की जाएगी।
विजयदशमी पर पुतला दहन कर जताया विरोध
विजयदशमी को बुराई पर अच्छाई की जीत का प्रतीक मानते हुए अभ्यर्थियों ने ‘आरक्षण चोर’ नाम से प्रतीकात्मक पुतले का दहन किया। उनका कहना है कि इस माध्यम से वे भर्ती में आरक्षण संबंधी कथित विसंगतियों और लंबे समय से लंबित मांगों की ओर सरकार तथा संबंधित अधिकारियों का ध्यान आकर्षित करना चाहते हैं।
आंदोलनकारियों ने कहा कि उनका विरोध भर्ती प्रक्रिया में कथित अनियमितताओं के खिलाफ है। वे चाहते हैं कि मामले की निष्पक्ष समीक्षा की जाए और पात्र अभ्यर्थियों को नियमानुसार आरक्षण का लाभ देते हुए न्याय सुनिश्चित किया जाए।
सरकार और बेसिक शिक्षा विभाग से जवाबदेही की मांग
आंदोलन का नेतृत्व कर रहे तूफान सिंह और आशुतोष वर्मा ने भर्ती में आरक्षण को लेकर योगी सरकार और बेसिक शिक्षा विभाग के अधिकारियों पर सवाल उठाए। उन्होंने रामायण के प्रसंग का उल्लेख करते हुए आरोप लगाया कि 68,500 सहायक शिक्षक भर्ती में आरक्षण संबंधी प्रावधानों का उचित लाभ अभ्यर्थियों को नहीं मिला।
आंदोलनकारियों की मांग है कि आरक्षण से जुड़ी कथित विसंगतियों की समीक्षा कर संशोधित चयन सूची जारी की जाए और पात्र अभ्यर्थियों को उनका अधिकार दिया जाए। उन्होंने कहा कि भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता और समान अवसर सुनिश्चित होना चाहिए। हालांकि, आरक्षण संबंधी आरोपों और दावों पर अंतिम स्थिति संबंधित अभिलेखों, नियमों और सक्षम प्राधिकारियों के निर्णय से स्पष्ट होगी।
50 दिनों से जारी है धरना-प्रदर्शन
धरना प्रभारी नवीन चौधरी ने कहा कि अभ्यर्थी लंबे समय से अपनी मांगों को लेकर संघर्ष कर रहे हैं। उनके मुताबिक, लगातार 50 दिनों से जारी धरना अभ्यर्थियों की लंबित मांगों और उनके संघर्ष को दर्शाता है।
उन्होंने कहा कि अभ्यर्थियों को उम्मीद है कि सरकार और विभाग उनकी शिकायतों पर गंभीरता से विचार करेंगे। यदि जल्द कोई सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया, तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा। अभ्यर्थियों का कहना है कि वे अपनी मांगों के समाधान और नियुक्ति प्रक्रिया में न्याय सुनिश्चित होने तक संघर्ष जारी रखेंगे।
26 अक्टूबर से भूख हड़ताल की तैयारी
आंदोलन के नेतृत्वकर्ता तूफान सिंह ने घोषणा की कि यदि उनकी मांगों पर उचित निर्णय नहीं लिया गया, तो 26 अक्टूबर 2026 से भूख हड़ताल शुरू की जाएगी। अभ्यर्थियों के अनुसार, यह उनके आंदोलन का अगला चरण होगा।
प्रदर्शनकारियों ने दोहराया कि वे भर्ती में आरक्षण संबंधी विसंगतियों के समाधान, पात्र अभ्यर्थियों को नियमानुसार लाभ और संशोधित चयन सूची जारी करने की मांग कर रहे हैं। अब सभी की निगाहें प्रस्तावित भूख हड़ताल और उससे पहले मांगों पर होने वाली संभावित कार्रवाई पर टिकी हैं।
प्रदर्शन में शामिल हुए सैकड़ों अभ्यर्थी
पुतला दहन के दौरान तूफान सिंह, आशुतोष वर्मा, नवीन चौधरी, रंजना जायसवाल, भूपेंद्र चौधरी, मोहित अहलावत, सच्चिदानंद, विनोद प्रजापति, शिवशंकर गौड़, राम प्रवेश, संजीव वर्मा, मनीष पटवा, नशीम, तारीक, मनोज, जोगिंदर, अजीत, हरीश चंद्र, भूपेन्द्र, अरविंद और अरुण समेत बड़ी संख्या में अभ्यर्थी मौजूद रहे।
अभ्यर्थियों ने कहा कि जब तक उनकी मांगों पर ठोस निर्णय नहीं लिया जाता, तब तक आंदोलन जारी रहेगा। 26 अक्टूबर से प्रस्तावित भूख हड़ताल को लेकर भी उन्होंने अपनी तैयारी शुरू करने की बात कही है।
