रिपोर्ट – अमित शुक्ला
ऐरवा कटरा। क्षेत्र के ग्राम कटैया में पारंपरिक लोक उत्सव टेसू-झेंझी का विवाह बड़े ही धूमधाम और हर्षोल्लास के साथ संपन्न हुआ। आयोजन में ग्रामीणों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। ढोल-नगाड़ों की धुन पर बारातियों ने जमकर नृत्य किया। पूरे गांव में उत्सव का माहौल रहा और पारंपरिक रीति-रिवाजों के साथ विवाह की रस्में निभाई गईं।टेसू झेंझी विवाह, ग्राम कटैया, ऐरवा कटरा, लोक उत्सव, पारंपरिक विवाह, ग्रामीण संस्कृति, उत्तर प्रदेश लोक परंपरा, अमित शुक्ला रिपोर्ट
कार्यक्रम की खास बात यह रही कि बारातियों के लिए चाय-नाश्ते के साथ भोजन की भी विशेष व्यवस्था की गई। आयोजन में शामिल लोगों के स्वागत और सत्कार का ग्रामीणों ने पूरा ध्यान रखा। इस अनूठी पहल की क्षेत्र में चर्चा रही। गांव की माताओं, बहनों और अन्य ग्रामीणों ने भी उत्साहपूर्वक भागीदारी करते हुए लोक परंपरा को जीवंत बनाया।

टेसू-झेंझी का विवाह उत्तर भारत, विशेषकर उत्तर प्रदेश के कई क्षेत्रों में प्रचलित पारंपरिक लोक उत्सव है। इसमें टेसू और झेंझी को प्रतीकात्मक दूल्हा-दुल्हन के रूप में सजाकर उनका विवाह कराया जाता है। यह परंपरा विशेष रूप से शारदीय नवरात्र और दशहरा के आसपास देखने को मिलती है। इस दौरान बच्चे और ग्रामीण लोकगीत गाते हैं तथा विवाह से जुड़ी रस्में निभाते हैं।
यह लोक उत्सव ग्रामीण संस्कृति, पारंपरिक मान्यताओं और सामाजिक मेल-मिलाप का प्रतीक माना जाता है। ऐसे आयोजनों से गांवों में आपसी भाचारा मजबूत होता है और नई पीढ़ी को अपनी लोक परंपराओं से जुड़ने का अवसर मिलता है।
इस अवसर पर गौरव यादव, सिंटू यादव, मुरारी यादव, शिवकुमार सिंह, डॉ. गुड्डू यादव, समाजसेवी शीलू यादव, रोहित फौजी, हिमांशु, ऋषि, बॉबी और अभिषेक सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद रहे। आयोजन ने गांव की पारंपरिक संस्कृति और सामूहिक सहभागिता की सुंदर तस्वीर प्रस्तुत की।
