बाराबंकी: ऐतिहासिक देवा मेले की दूसरी शाम इंडियन आइडल फेम सिंगर मो. दानिश के नाम रही। बुधवार को देवा मेला ऑडिटोरियम में आयोजित संगीत कार्यक्रम में दानिश ने अपनी मखमली आवाज और शानदार गायकी से ऐसा समां बांधा कि पूरा ऑडिटोरियम तालियों की गड़गड़ाहट से गूंज उठा। उनके रूमानी नगमों और सूफियाना गीतों पर दर्शक झूमते नजर आए।
कार्यक्रम की शुरुआत दानिश ने मशहूर गीत ‘छैयां छैयां’ से की। इसके बाद उन्होंने ‘मेरे रश्के कमर’ सुनाकर युवाओं को झूमने पर मजबूर कर दिया। दानिश ने ‘कजरा मोहब्बत वाला’, ‘ये जो हल्का-हल्का सुरूर है’, ‘सांसों की माला पे’, ‘तेरी दीवानी’ और ‘रमता जोगी’ जैसे लोकप्रिय गीतों की प्रस्तुति देकर महफिल में चार चांद लगा दिए। उनकी गायकी का जादू ऐसा चला कि दर्शक देर तक तालियां बजाते रहे।
सैयद कुर्बान अली शाह की याद में लगता है देवा मेला
बाराबंकी के देवा में सूफी संत हाजी वारिस अली शाह के पिता सैयद कुर्बान अली शाह की याद में हर साल 10 दिवसीय ऐतिहासिक देवा मेले का आयोजन किया जाता है। मेले में धार्मिक गतिविधियों के साथ-साथ विभिन्न सांस्कृतिक कार्यक्रम भी आयोजित होते हैं। मंगलवार को मेले की शुरुआत हुई थी, जबकि बुधवार की दूसरी शाम संगीत के नाम रही।
न्यायिक अधिकारियों की मौजूदगी में हुआ कार्यक्रम
देवा मेला ऑडिटोरियम में आयोजित कार्यक्रम में जिला जज प्रतिमा श्रीवास्तव, अपर जनपद न्यायाधीश श्रीकृष्ण चंद्र सिंह, एडीएम निरंकार सिंह और नवाबगंज की एसडीएम गुंजिता अग्रवाल समेत कई गणमान्य लोग मौजूद रहे। कार्यक्रम में दूर-दराज से आए हजारों श्रद्धालुओं और दर्शकों ने भी हिस्सा लिया। इस दौरान जिला जज ने सिंगर मो. दानिश को स्मृति चिह्न भेंट कर सम्मानित किया।
जनगणना के प्रति जागरूकता का दिया संदेश
संगीत के जरिए लोगों का मनोरंजन करने के साथ ही मो. दानिश ने सामाजिक सरोकारों के प्रति भी अपनी संवेदनशीलता दिखाई। उन्होंने ऑडिटोरियम में मौजूद लोगों को जनगणना के महत्व के बारे में बताया और इसमें सहयोग करने के लिए प्रेरित किया। इस तरह देवा मेले की दूसरी शाम संगीत, मनोरंजन और जागरूकता के संदेश के नाम रही।
