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लखनऊ में बी-पैक्स सहकारी समितियों के कर्मचारियों की हड़ताल जारी, आठ दिन से कामकाज ठप, वेतन न मिलने से आर्थिक संकट

लखनऊ: उत्तर प्रदेश में बी-पैक्स (बृहदाकार बहुउद्देशीय प्राथमिक कृषि ऋण सहकारी समितियों) के कर्मचारी अपनी मांगों को लेकर पिछले आठ दिनों से हड़ताल पर हैं। कर्मचारियों की हड़ताल के चलते प्रदेशभर में सहकारी समितियों का कामकाज प्रभावित होने का दावा किया जा रहा है। कर्मचारियों का कहना है कि उन्हें कई वर्षों से वेतन नहीं मिला है, जिसके कारण उनके सामने गंभीर आर्थिक संकट खड़ा हो गया है। लंबे समय से वेतन का इंतजार कर रहे कर्मचारियों और उनके परिवारों के लिए घर का खर्च चलाना भी मुश्किल होता जा रहा है।

कर्मचारियों के अनुसार, बी-पैक्स सहकारी समितियां ग्रामीण क्षेत्रों में किसानों को कृषि ऋण उपलब्ध कराने, खाद और बीज जैसी आवश्यक कृषि सामग्री की व्यवस्था करने तथा सहकारिता से जुड़ी विभिन्न सेवाओं में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं। ऐसे में समितियों के कर्मचारियों के हड़ताल पर जाने से इन सेवाओं पर असर पड़ने की आशंका है। ग्रामीण क्षेत्रों में किसान अपनी कृषि संबंधी जरूरतों के लिए इन समितियों पर निर्भर रहते हैं।

कई वर्षों से वेतन नहीं मिलने का आरोप

हड़ताल कर रहे कर्मचारियों का कहना है कि वे लंबे समय से अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन कर रहे हैं, लेकिन इसके बावजूद उन्हें कई वर्षों से वेतन नहीं मिला है। कर्मचारियों के सामने परिवार के भरण-पोषण, बच्चों की पढ़ाई, घरेलू खर्च और अन्य जरूरी जरूरतों को पूरा करने की चुनौती खड़ी हो गई है। उनका कहना है कि नियमित आय नहीं होने के कारण आर्थिक परेशानियां लगातार बढ़ रही हैं।

कर्मचारियों के मुताबिक, वेतन नहीं मिलने की समस्या का समाधान नहीं होने से उन्हें आंदोलन का रास्ता अपनाना पड़ा है। उनका कहना है कि जब तक उनकी समस्याओं पर गंभीरता से ध्यान नहीं दिया जाता, तब तक उनके लिए सामान्य रूप से काम करना मुश्किल है। कर्मचारियों को उम्मीद है कि उनकी मांगों पर संबंधित विभाग और शासन की ओर से जल्द कोई ठोस कदम उठाया जाएगा।

आठ दिन से जारी है कर्मचारियों की हड़ताल

कर्मचारियों की हड़ताल लगातार आठवें दिन भी जारी रहने से सहकारी समितियों के कामकाज को लेकर सवाल उठ रहे हैं। कर्मचारियों का दावा है कि प्रदेशभर में समितियों का कामकाज बंद पड़ा है। यदि हड़ताल लंबी खिंचती है, तो इससे ग्रामीण क्षेत्रों में सहकारी सेवाओं से जुड़े किसानों को भी परेशानी का सामना करना पड़ सकता है।

बी-पैक्स समितियों के माध्यम से किसानों को मिलने वाली सुविधाएं कृषि कार्यों के लिए महत्वपूर्ण मानी जाती हैं। ऐसे में कर्मचारियों की समस्या का जल्द समाधान होना जरूरी है, ताकि समितियों का कामकाज सामान्य हो सके और किसानों को आवश्यक सेवाएं मिलती रहें।

वेतन भुगतान और समस्या के स्थायी समाधान की मांग

हड़ताल कर रहे कर्मचारियों की प्रमुख मांग वेतन से जुड़ी समस्या का समाधान करना है। उनका कहना है कि वर्षों से लंबित वेतन का भुगतान सुनिश्चित किया जाना चाहिए, ताकि वे आर्थिक संकट से उबर सकें। इसके साथ ही कर्मचारियों की समस्याओं के स्थायी समाधान के लिए भी प्रभावी कदम उठाए जाने की जरूरत है।

फिलहाल कर्मचारियों की हड़ताल जारी है। अब देखना होगा कि संबंधित अधिकारी और शासन इस मामले में क्या कदम उठाते हैं और कर्मचारियों को राहत देने के लिए कब तक कोई ठोस निर्णय लिया जाता है। वेतन भुगतान और कामकाज बहाल होने को लेकर कर्मचारियों को अब समाधान का इंतजार है।

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