रिपोर्ट: दीपक अवस्थी
*अजीतमल (औरैया)। जनता महाविद्यालय अजीतमल के बीएड प्रांगण में आयोजित अखिल भारतीय कवि सम्मेलन में कवियों ने अपनी रचनाओं से साहित्य, राष्ट्रप्रेम, सामाजिक सरोकार और नारी अस्मिता के विभिन्न पहलुओं को जीवंत कर दिया
हास्य, श्रृंगार, ओज और व्यंग्य से सजी कविताओं ने श्रोताओं को कभी ठहाके लगाने पर मजबूर किया, तो कभी भावुक कर दिया। कवियों की प्रभावशाली प्रस्तुतियों पर पूरा परिसर तालियों से गूंजता रहा।

कार्यक्रम का शुभारंभ महाविद्यालय प्रबंध समिति के अध्यक्ष सुनील कुमार दुबे एडवोकेट और मंत्री उत्तम कुमार दुबे एडवोकेट ने मां सरस्वती की प्रतिमा पर माल्यार्पण एवं दीप प्रज्वलन कर किया। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में हमीरपुर के विधायक डॉ. मनोज कुमार प्रजापति उपस्थित रहे। वह जनता महाविद्यालय में एसोसिएट प्रोफेसर के पद पर भी कार्यरत हैं।
राष्ट्रप्रेम से लेकर नारी सम्मान तक गूंजी कविताएं
कवि सम्मेलन में मध्य प्रदेश के रीवा से आए कामता माखन ने ओजपूर्ण रचनाओं के माध्यम से देशविरोधी गतिविधियों पर प्रहार किया। आगरा की ममता वाणी ने अपनी कविता के जरिए कर्म की महत्ता को रेखांकित करते हुए बताया कि मनुष्य की पहचान उसके कर्मों से बनती है। वहीं, औरैया की गीता चतुर्वेदी ने भगवान श्रीकृष्ण का आह्वान करते हुए मौजूदा सामाजिक परिस्थितियों और नारी की गरिमा से जुड़े मुद्दों को उठाया।

औरैया की रचना त्रिपाठी ने अपनी रचना के माध्यम से देशप्रेम और एकता का संदेश दिया। झांसी के हरनाथ सिंह चौहान ने नारी अस्मिता, महिलाओं के सम्मान और अधिकारों पर प्रभावशाली प्रस्तुति दी। उनकी कविता ने श्रोताओं को भावुक कर दिया।
फिरोजाबाद के यशपाल यश ने सामाजिक सद्भाव की कमी और सियासत की विसंगतियों पर व्यंग्य के तीर चलाए। इटावा के रोहित चौधरी ने राष्ट्रप्रेम से ओतप्रोत रचनाओं के जरिए देशभक्ति की भावना जगाई, जबकि जालौन की अंचल शर्मा ने श्रृंगार रस की कविता सुनाकर श्रोताओं का मन मोह लिया।

हास्य और व्यंग्य ने लगाए ठहाके
कवि सम्मेलन में हास्य और व्यंग्य का रंग भी खूब देखने को मिला। चरखारी के प्रदीप दिहुलिया ने दांपत्य जीवन पर आधारित हास्य रचना सुनाकर श्रोताओं को खूब हंसाया। रायबरेली के नीरज पाण्डेय ने रिश्तों में बढ़ते स्वार्थ और बदलते व्यवहार को अपनी व्यंग्यात्मक प्रस्तुति का विषय बनाया।
कोंच की ऋतु चतुर्वेदी ने अपनी कविता के माध्यम से जीवन में निरंतर आगे बढ़ते रहने और गतिशील बने रहने का संदेश दिया। अलग-अलग भावों और विषयों पर आधारित कविताओं ने कार्यक्रम को यादगार बना दिया।
आयोजकों के सहयोग से सफल हुआ आयोजन
कवि सम्मेलन के आयोजन में डॉ. योगेश कुमार साहू, डॉ. Left नारायण पाण्डेय, अशोक दिवाकर और आकाश त्रिपाठी का विशेष सहयोग रहा। कार्यक्रम में महाविद्यालय के शैक्षणिक एवं गैर-शैक्षणिक कर्मचारी सहित नगर के अनेक गणमान्य लोग उपस्थित रहे।
इस कवि सम्मेलन ने साहित्य और संस्कृति के प्रति लोगों की रुचि को प्रोत्साहित किया। साथ ही, कवियों की रचनाओं केll माध्यम से सामाजिक सरोकारों, राष्ट्रप्रेम, मानवीय रिश्तों और नारी सम्मान जैसे विषयों पर विचार करने का अवसर भी मिला।
