रिपोर्ट: प्रिया बाजपेई शुक्ला
लखनऊ: राजधानी के सआदतगंज थाना क्षेत्र में हुए चर्चित ट्रिपल मर्डर मामले में पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। तीन लोगों की हत्या के मामले में फरार चल रहे मुख्य आरोपी ऋषभ शुक्ला के चाचा राजेश शुक्ला को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है।
वारदात के बाद से ही राजेश फरार चल रहा था। पुलिस अब मुख्य आरोपी ऋषभ की बहन दिव्या की तलाश में जुटी है। इस मामले में अब तक सात आरोपियों की गिरफ्तारी हो चुकी है।
यह सनसनीखेज वारदात ब्राह्मणी टोला में चबूतरे और कार पार्किंग को लेकर हुए विवाद के बाद हुई थी।
आरोप है कि 26 अक्टूबर को ऋषभ शुक्ला ने गोली मारकर तीन लोगों की हत्या कर दी थी। घटना के बाद से ही पुलिस की कई टीमें फरार आरोपियों की तलाश में जुटी थीं।
परिवार ने सीएम योगी से लगाई मदद की गुहार
हत्याकांड के बाद पीड़ित परिवार ने आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। मृतकों के फुफेरे भाई मनोज अवस्थी ने आरोप लगाया कि प्रशासन ने आरोपियों के घर की केवल दीवार गिराकर कार्रवाई की औपचारिकता पूरी की है।
उन्होंने कहा कि अगर आरोपियों के पूरे अवैध निर्माण पर कार्रवाई नहीं हुई तो परिवार मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मुलाकात करेगा।
मनोज अवस्थी ने कहा कि परिवार में अब कोई पुरुष सदस्य नहीं बचा है। ऐसे में परिवार के पालन-पोषण की जिम्मेदारी मुख्यमंत्री को संभालनी चाहिए। उन्होंने कहा कि परिवार अपनी पीड़ा लेकर मुख्यमंत्री की चौखट पर बैठेगा।
उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि राजेश शुक्ला पहले जिला बदर रह चुका है और उससे परिवार को अब भी खतरा बना हुआ है। आशंका है कि वह दोबारा परिवार पर हमला कर सकता है। इसलिए उसकी गिरफ्तारी जरूरी थी।
50 साल पुराने रिश्ते का खौफनाक अंत
इस हत्याकांड के पीछे की कहानी दो परिवारों के करीब पांच दशक पुराने रिश्तों से जुड़ी है। बताया जाता है कि मृतक परिवार के पूर्वजों ने करीब 50 साल पहले दूसरे परिवार को अपनी कॉलोनी में रहने के लिए जगह दी थी। आरोप है कि करीब 10 साल तक उन्हें बिना किराया लिए मकान में रखा गया।
दोनों परिवारों के बच्चे साथ बड़े हुए। उनके बीच पारिवारिक संबंध इतने करीबी थे कि एक-दूसरे के घरों में रसोई तक आना-जाना था। लेकिन बरगद के पेड़ के पास कार खड़ी करने और चबूतरा बनाने को लेकर शुरू हुआ विवाद खूनी संघर्ष में बदल गया।
शादी से पहले उजड़ गया सुयश का परिवार
इस घटना में जान गंवाने वालों में 62 वर्षीय शिवाजी तिवारी, उनके भाई शिवेंद्र तिवारी उर्फ शंभू और शिवाजी के 30 वर्षीय बेटे सुयश तिवारी शामिल थे।
शिवाजी तिवारी सचिवालय के सेवानिवृत्त कर्मचारी थे और आरएसएस के जिला कार्यवाह भी रह चुके थे। उनके भाई शिवेंद्र तिवारी लखनऊ विश्वविद्यालय में कार्यरत थे, जबकि सुयश बिजली के सामान का कारोबार करते थे। सुयश की शादी आगामी 5 दिसंबर को होनी थी, लेकिन उससे पहले ही परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा।
फिलहाल राजेश शुक्ला की गिरफ्तारी के बाद पुलिस दिव्या की तलाश में जुटी है। वहीं, पीड़ित परिवार आरोपियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई और अपने भविष्य की सुरक्षा की मांग कर रहा है।
