उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में नए विधान भवन (UP New Vidhan Sabha Building) के निर्माण की प्रक्रिया तेज हो गई है। प्रदेश सरकार ने बजट में इसके लिए 100 करोड़ रुपये का प्रावधान किया है। बजट स्वीकृति के बाद अब निर्माण कार्य की औपचारिकताएं पूरी की जा रही हैं।

सहारा समूह से वापस ली गई जमीन पर होगा निर्माण
नया विधानसभा भवन गोमती नगर स्थित सहारा समूह से खाली कराई गई 245 एकड़ जमीन पर प्रस्तावित है। यह जमीन मूल रूप से लखनऊ विकास प्राधिकरण (LDA) और नगर निगम की थी, जिसे सहारा इंडिया को लीज पर दिया गया था।
लीज की शर्तों के उल्लंघन के चलते लीज निरस्त कर दी गई और जमीन वापस शासन के पास आ गई। अब इसी भूमि पर आधुनिक विधानसभा परिसर विकसित करने की योजना है।
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75 एकड़ जमीन लखनऊ विकास प्राधिकरण ने अपने कब्जे में ले ली है।
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170 एकड़ जमीन नगर निगम ने वापस प्राप्त की है।
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जमीन की पैमाइश रिपोर्ट शासन को भेजी जा चुकी है।
यह स्थान आवागमन और बुनियादी ढांचे के लिहाज से उपयुक्त माना जा रहा है।
कंसल्टेंट करेगा डिजाइन और डीपीआर तैयार
लखनऊ विकास प्राधिकरण नए विधान भवन के निर्माण के लिए कंसल्टेंट चयन की प्रक्रिया में है। कंसल्टेंट के चयन के बाद वही डीपीआर (डिटेल्ड प्रोजेक्ट रिपोर्ट) और भवन का डिजाइन तैयार करेगा। इसके बाद निर्माण कार्य शुरू किया जाएगा।
100 साल पुराना है मौजूदा विधान भवन
वर्तमान विधानसभा भवन करीब सौ वर्ष पुराना है। बढ़ती जनसंख्या और विधायकों की संख्या, डिजिटल कार्यप्रणाली, अत्याधुनिक सुरक्षा व्यवस्था और आधुनिक सुविधाओं की जरूरत को देखते हुए नए भवन की आवश्यकता महसूस की जा रही है।
ई-विधानसभा की तर्ज पर बनेगा नया परिसर
जानकारी के अनुसार नया विधान भवन पूरी तरह से ई-विधानसभा (Paperless Assembly) की अवधारणा पर आधारित होगा। यहां डिजिटल तकनीक के माध्यम से पेपरलेस कामकाज की व्यवस्था होगी।
अधिकारियों का कहना है कि भवन में
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आधुनिक सुरक्षा प्रणाली
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विश्वस्तरीय बैठक कक्ष
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डिजिटल डिस्प्ले और स्मार्ट टेक्नोलॉजी
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उत्तर प्रदेश की सांस्कृतिक विरासत की झलक
शामिल की जाएगी।
बदलते उत्तर प्रदेश की नई पहचान
सरकार का मानना है कि नया विधानसभा भवन केवल प्रशासनिक केंद्र ही नहीं, बल्कि नए और विकसित होते उत्तर प्रदेश की पहचान बनेगा। आधुनिकता और सांस्कृतिक विरासत के समन्वय से यह भवन राज्य की प्रगति का प्रतीक होगा।
