लखनऊ/मुरादाबाद। AGI Greenpac Limited ने उत्तर प्रदेश के हाथरस में अपने अत्याधुनिक एल्युमिनियम बेवरेज कैन मैन्युफैक्चरिंग प्लांट की आधारशिला रख दी है। करीब 34 एकड़ में फैली इस ग्रीनफील्ड परियोजना में लगभग 1000 करोड़ रुपये का निवेश किया जा रहा है, जो राज्य के औद्योगिक विकास को नई गति देगा।
यह प्लांट वैश्विक मानकों के अनुरूप हाई-स्पीड तकनीक से लैस होगा और 2027 की पहली छमाही तक इसके संचालन शुरू होने की संभावना है। शुरुआती चरण में दो आधुनिक उत्पादन लाइनें स्थापित की जाएंगी, जिनकी संयुक्त क्षमता 1.6 बिलियन कैन प्रति वर्ष होगी, जबकि शुरुआती उत्पादन 1.3 बिलियन कैन प्रति वर्ष रखा गया है।
क्षमता बढ़ाने की बड़ी योजना
कंपनी के अनुसार भविष्य में तकनीकी अपग्रेड के जरिए प्रत्येक लाइन की क्षमता को बढ़ाकर कुल उत्पादन 2 बिलियन कैन प्रति वर्ष से अधिक किया जा सकेगा। इस प्लांट में स्टैंडर्ड, स्लीक और स्लिम जैसे विभिन्न प्रकार के एल्युमिनियम कैन बनाए जाएंगे, जो सॉफ्ट ड्रिंक्स, बीयर, एनर्जी ड्रिंक्स और रेडी-टू-ड्रिंक उत्पादों की जरूरतों को पूरा करेंगे।
लॉजिस्टिक्स और बाजार को मिलेगा फायदा
कंपनी का कहना है कि यह संयंत्र उत्तर और मध्य भारत के प्रमुख बाजारों के करीब होने के कारण तेज सप्लाई, कम लॉजिस्टिक्स लागत और बेहतर सर्विस सुनिश्चित करेगा। यह खासतौर पर ‘जस्ट-इन-टाइम’ सप्लाई मॉडल पर काम करने वाली कंपनियों के लिए फायदेमंद होगा।
पर्यावरण-अनुकूल पैकेजिंग पर जोर
इस परियोजना को सस्टेनेबिलिटी को ध्यान में रखकर डिजाइन किया गया है और इसे ग्रीन बिल्डिंग की ‘प्लैटिनम’ रेटिंग हासिल करने के लक्ष्य के साथ विकसित किया जा रहा है। एल्युमिनियम एक ऐसा मटेरियल है जिसे बार-बार रीसायकल किया जा सकता है, जिससे यह पर्यावरण के अनुकूल पैकेजिंग का मजबूत विकल्प बनता है।
बढ़ती मांग को मिलेगा सपोर्ट
भारत में एल्युमिनियम बेवरेज कैन की मांग तेजी से बढ़ रही है, जिसका कारण शहरी खपत में वृद्धि, प्रीमियम प्रोडक्ट्स की मांग और टिकाऊ पैकेजिंग की ओर बढ़ता रुझान है। ऐसे में यह निवेश कंपनी को इस उभरते बाजार में मजबूत स्थिति दिलाएगा।
