रिपोर्ट- प्रिया बाजपेयी शुक्ला
आगरा। छत्रपति शिवाजी महाराज की औरंगजेब की कैद से मुक्ति की ऐतिहासिक घटना की स्मृति में सोमवार, 17 अगस्त को आगरा किला से गरुड़ क्षेप यात्रा का भव्य शुभारंभ हुआ। यह यात्रा आगरा से राजगढ़ तक करीब 1253 किलोमीटर का सफर तय करेगी। इसमें 100 धावक और 100 साइकिल सवार शामिल हैं।
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यात्रा का शुभारंभ आगरा किला के सामने स्थित छत्रपति शिवाजी महाराज की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर किया गया। इस मौके पर उत्तर प्रदेश सरकार के कैबिनेट मंत्री योगेंद्र उपाध्याय, महाराष्ट्र सरकार के कैबिनेट मंत्री जयकुमार रावल और मंत्री भरत सेठ गोगावले मौजूद रहे।

17 अगस्त की ऐतिहासिक घटना की याद
आयोजकों के मुताबिक, 17 अगस्त 1666 को छत्रपति शिवाजी महाराज अपने पुत्र के साथ मुगल बादशाह औरंगजेब की कैद से निकलकर आगरा से सुरक्षित बाहर निकल गए थे। उनकी इसी ऐतिहासिक मुक्ति और साहस को याद करते हुए हर साल गरुड़ क्षेप यात्रा का आयोजन किया जाता है।
इस बार यात्रा चार राज्यों के 78 शहरों से होकर राजगढ़ पहुंचेगी। महाराष्ट्र से करीब 100 सदस्यीय दल भी इस यात्रा में शामिल हुआ है। इसमें छत्रपति शिवाजी महाराज के सेनापति के 14वें वंशज भी शामिल हैं।
88 वर्षीय महिला साइकिल से तय करेंगी सफर
यात्रा में इस बार 88 वर्षीय मराठी महिला भी शामिल हैं, जो करीब 1300 किलोमीटर की दूरी साइकिल से तय करने का लक्ष्य लेकर निकली हैं। आयोजक मारुति आभा गोले ने बताया कि पिछली यात्रा को पूरा करने में करीब 35 दिन लगे थे। इस बार भी यात्रा को लेकर प्रतिभागियों में खासा उत्साह है।

मराठी कलाकारों ने दिखाए युद्ध कौशल
कार्यक्रम के दौरान मराठी कलाकारों ने प्राचीन युद्ध कला का प्रदर्शन किया। गोवा से आई महिला कलाकारों ने तलवारबाजी और लाठी कला के जरिए शिवाजी महाराज के समय की युद्ध परंपराओं की झलक दिखाई। कार्यक्रम में शिवाजी महाराज के सेनापतियों के वंशज भी मौजूद रहे।
आगरा में बनेगा भव्य शिवाजी स्मारक
कार्यक्रम के दौरान आगरा के कोठी मीना बाजार में छत्रपति शिवाजी महाराज के भव्य स्मारक के निर्माण को लेकर भी चर्चा हुई। कैबिनेट मंत्री योगेंद्र उपाध्याय और महाराष्ट्र सरकार के मंत्री भरत सेठ गोगावले ने जिला प्रशासन और महाराष्ट्र सरकार के अधिकारियों के साथ बैठक की।
बताया गया कि स्मारक को विश्वस्तरीय पर्यटन और सांस्कृतिक एकता के केंद्र के रूप में विकसित करने की योजना है। यहां शिवाजी महाराज से जुड़ी ऐतिहासिक स्मृतियों को संजोने के साथ संग्रहालय विकसित करने की भी योजना है।
मंत्री जयकुमार रावल ने कहा कि छत्रपति शिवाजी महाराज का साहस, पराक्रम और युद्ध कौशल आज भी युवाओं के लिए प्रेरणा है। उन्होंने कहा कि शिवाजी महाराज ने अन्याय के खिलाफ संघर्ष करते हुए हिंदवी स्वराज्य की स्थापना के लिए काम किया।
रिपोर्ट- प्रिया बाजपेयी शुक्ला
