उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव भले ही 2027 में होने हों, लेकिन सियासी सरगर्मियां अभी से तेज़ हो गई हैं। इसी कड़ी में ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिममीन (AIMIM) ने भी उत्तर प्रदेश की राजनीति में उतरने का ऐलान कर दिया है। पार्टी के वरिष्ठ नेता और हैदराबाद से विधायक अकबरुद्दीन ओवैसी ने यूपी में जनाधार बढ़ाने और चुनाव लड़ने का संकेत देते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को खुला चैलेंज दिया है।
एक जनसभा को संबोधित करते हुए अकबरुद्दीन ओवैसी ने कहा कि देश में जितना अधिकार माथे पर तिलक लगाने वाले का है, उतना ही अधिकार सिर पर टोपी पहनने वाले का भी है। उन्होंने कहा कि देश सिर्फ हिंदू-मुस्लिम का मुद्दा नहीं है, बल्कि बेरोजगारी और महंगाई जैसी समस्याएं सबसे बड़े सवाल हैं। अकबरुद्दीन ने कहा कि आज भी कई लोगों के पास पक्की छत, साफ पानी और बिजली जैसी बुनियादी सुविधाएं नहीं हैं, लेकिन राजनीति इन्हीं असली मुद्दों से ध्यान भटका रही है।
निजामाबाद में एक अन्य जनसभा के दौरान अकबरुद्दीन ओवैसी ने उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को चुनौती देते हुए कहा, “मिस्टर योगी, मैं यूपी आ रहा हूं, तैयार हो जाइए। अब उत्तर प्रदेश में भी हमारी पार्टी का झंडा गड़ेगा। हम यूपी में अपनी ताकत दिखाएंगे और वहां भी AIMIM का परचम लहराएंगे।”
अकबरुद्दीन ओवैसी AIMIM प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी के छोटे भाई हैं और तेलंगाना की चंद्रायनगुट्टा विधानसभा सीट से लगातार छह बार विधायक चुने जा चुके हैं। वर्ष 2023 में उन्हें तेलंगाना विधानसभा का प्रोटेम स्पीकर भी बनाया गया था। हालांकि, अकबरुद्दीन अपने बयानों को लेकर पहले भी विवादों में रह चुके हैं। साल 2012 में आदिलाबाद की एक रैली में दिए गए उनके एक बयान ने देशभर में राजनीतिक हलचल मचा दी थी।
राजनीतिक जानकारों के मुताबिक, AIMIM की उत्तर प्रदेश में एंट्री से आगामी विधानसभा चुनाव में सियासी समीकरण बदल सकते हैं, खासकर उन सीटों पर जहां अल्पसंख्यक मतदाता निर्णायक भूमिका में हैं। अब देखना होगा कि AIMIM उत्तर प्रदेश में कितनी मजबूती से अपनी मौजूदगी दर्ज करा पाती है।
