स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती को यौन उत्पीड़न/पॉक्सो मामले में बड़ी राहत मिली है। इलाहाबाद हाई कोर्ट ने उनकी अग्रिम जमानत याचिका पर फैसला सुरक्षित रखते हुए आदेश दिया है कि अंतिम निर्णय तक उनकी गिरफ्तारी नहीं की जाएगी।
सुनवाई में क्या हुआ?
राज्य सरकार और शिकायतकर्ता पक्ष ने अग्रिम जमानत का विरोध किया, जबकि बचाव पक्ष ने आरोपों को निराधार बताया। अदालत ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद आदेश सुरक्षित रख लिया।
स्वामी का बयान
सुनवाई के बाद स्वामी ने कहा कि न्यायालय में विस्तृत बहस हुई है और उन्हें न्यायपालिका पर भरोसा है। उन्होंने आरोपों को बेबुनियाद बताते हुए कहा कि विस्तृत आदेश आने के बाद स्थिति स्पष्ट होगी।
मध्य प्रदेश से संबंध
नरसिंहपुर के झोतेश्वर आश्रम से उनका गहरा जुड़ाव रहा है। उनके गुरु स्वामी स्वरूपानंद सरस्वती भी वहीं निवास करते थे।
