रिपोर्ट- प्रिया बाजपेई शुक्ला
बाराबंकी। सावन मास के चौथे और अंतिम सोमवार को प्रसिद्ध तीर्थस्थल लोधेश्वर महादेवा में श्रद्धालुओं का सैलाब उमड़ पड़ा। रविवार शाम से ही लखनऊ, उन्नाव, कानपुर, झांसी, उरई, जालौन, एटा, इटावा, मैनपुरी, कन्नौज, हमीरपुर, रायबरेली, सीतापुर, बहराइच, गोंडा और अयोध्या समेत कई जिलों से श्रद्धालु महादेवा पहुंचने लगे। देर रात तक पूरा मेला क्षेत्र शिवभक्तों से भर गया और हर-हर महादेव, बम-बम भोले के जयकारों से गूंज उठा।
आधी रात से खुले मंदिर के कपाट
भारी भीड़ को देखते हुए मंदिर के कपाट आधी रात से ही श्रद्धालुओं के दर्शन और जलाभिषेक के लिए खोल दिए गए। बैरिकेडिंग के बीच लंबी कतारों में खड़े श्रद्धालु अपनी बारी का इंतजार करते हुए बाबा लोधेश्वर के दरबार तक पहुंचे। हजारों कांवड़िए डाक कांवड़ लेकर भी महादेवा पहुंचे। श्रद्धालुओं ने बेलपत्र, दूध और गंगाजल से भगवान शिव का अभिषेक कर परिवार की सुख-समृद्धि की कामना की।
अधिकारियों ने संभाली व्यवस्था
श्रद्धालुओं की भीड़ को देखते हुए जिलाधिकारी ईशान प्रताप सिंह और पुलिस अधीक्षक अर्पित विजयवर्गीय रविवार रात से ही मेला क्षेत्र में मौजूद रहे। सोमवार को भी दोनों अधिकारियों ने मंदिर पहुंचकर दर्शन-पूजन के साथ भीड़ प्रबंधन, कांवड़ियों के आवागमन और सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लिया।
अपर जिलाधिकारी निरंकार सिंह, उप जिलाधिकारी आकांक्षा गुप्ता, क्षेत्राधिकारी गरिमा पंत और तहसीलदार विपुल कुमार सिंह भी मेला क्षेत्र में कैंप कर व्यवस्थाओं की निगरानी करते रहे। अधिकारियों ने संबंधित विभागों को श्रद्धालुओं की सुरक्षा और सुविधा को प्राथमिकता देने के निर्देश दिए।
हजारों पुलिसकर्मी रहे तैनात
सुरक्षा व्यवस्था के लिए छह सीओ, दो दर्जन से अधिक निरीक्षक और थाना प्रभारियों के साथ बड़ी संख्या में पुलिसकर्मियों की तैनाती की गई। एक पीएसी बटालियन भी सुरक्षा में लगाई गई। यातायात पुलिस ने भीड़ को नियंत्रित करने के लिए रूट डायवर्जन लागू कर वाहनों का आवागमन सुचारु कराया।
चिकित्सा शिविरों में निशुल्क इलाज
मंदिर परिसर में स्वास्थ्य विभाग की ओर से एलोपैथिक, आयुर्वेदिक और होम्योपैथिक चिकित्सा शिविर लगाए गए। डॉक्टरों और स्वास्थ्यकर्मियों ने श्रद्धालुओं को निशुल्क चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराई।
प्रशासन की सतर्कता और व्यापक सुरक्षा व्यवस्था के बीच सावन के अंतिम सोमवार पर श्रद्धालुओं ने बाबा लोधेश्वर के दर्शन और जलाभिषेक किए। इस दौरान पूरा महादेवा धाम भोलेनाथ के जयकारों से शिवमय नजर आया।
