रिपोर्ट: अचल प्रताप सिंह
उत्तर प्रदेश के बरेली जिले में पुलिस की एक अनोखी कार्रवाई चर्चा का विषय बनी हुई है। भोजीपुरा थाना क्षेत्र में मुर्गों की लड़ाई पर जुआ खेल रहे लोगों के खिलाफ कार्रवाई करते हुए पुलिस ने न केवल छह आरोपियों को गिरफ्तार किया, बल्कि सात लड़ाकू मुर्गों को भी अभिरक्षा में ले लिया। पुलिस ने मौके से 2,910 रुपये नकद भी बरामद किए हैं।
पुलिस के अनुसार, ग्राम सैदपुर प्यारेलाल स्थित एक आम के बाग में लंबे समय से मुर्गों की लड़ाई के नाम पर जुए का खेल संचालित किया जा रहा था। सूचना मिलने पर प्रभारी निरीक्षक के नेतृत्व में पुलिस टीम ने घेराबंदी कर छापेमारी की। मौके पर कई लोग मुर्गों की लड़ाई पर दांव लगाते मिले। पुलिस को देखकर कुछ लोग फरार हो गए, जबकि छह लोगों को गिरफ्तार कर लिया गया।
गिरफ्तार आरोपियों के खिलाफ जुआ अधिनियम और पशु क्रूरता निवारण अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है। पुलिस ने लड़ाई में इस्तेमाल किए जा रहे सात मुर्गों को भी कब्जे में लेकर थाने पहुंचाया।
सरगना की तलाश जारी
जांच में सामने आया है कि सैदपुर प्यारेलाल निवासी राजा नामक व्यक्ति इस पूरे खेल का संचालन करता था। पुलिस उसकी तलाश में दबिश दे रही है। गिरफ्तार आरोपियों ने पूछताछ में बताया कि वे राजा के बुलावे पर ही वहां जुआ खेलने पहुंचे थे।
पुलिस द्वारा गिरफ्तार किए गए आरोपियों में मकसूद खां, अख्तर खां, साजिद, पप्पू मौर्य, तेजपाल और भुलइया शामिल हैं। सभी अलग-अलग थाना क्षेत्रों के निवासी बताए गए हैं।
थाने में ‘माल मुकदमा’ बने मुर्गे
कार्रवाई के दौरान जब्त किए गए सातों लड़ाकू मुर्गे भी अब केस प्रॉपर्टी (माल मुकदमा) का हिस्सा बन गए हैं। हालांकि उन्हें लंबे समय तक थाने में रखना पुलिस के लिए चुनौती बन गया है। बताया जा रहा है कि मुर्गे थाने में लगातार इधर-उधर दौड़ रहे हैं और गंदगी भी फैला रहे हैं।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि नियमों के तहत इन मुर्गों को किसी जिम्मेदार व्यक्ति, ग्राम प्रधान या स्थानीय प्रबुद्ध नागरिक की सुपुर्दगी में दिया जाएगा। जरूरत पड़ने पर उन्हें जांच और न्यायिक प्रक्रिया के दौरान पेश किया जा सकेगा।
