रिपोर्ट: अचल प्रताप सिंह
गौ माता के सम्मान में बरेली की सड़कों पर उमड़ा जनसैलाब, डीएम के इंतजार में कलेक्ट्रेट पर धरने पर बैठे संत और गौ सेवक
बरेली में सोमवार को गौ माता को राष्ट्रीय माता का दर्जा देने की मांग को लेकर हिंदू संगठनों, गौ सेवकों और साधु-संतों ने बड़ा प्रदर्शन किया। शहर के अलग-अलग हिस्सों से निकली विशाल पदयात्रा कलेक्ट्रेट पहुंची, जहां प्रदर्शनकारियों ने सरकार के नाम ज्ञापन सौंपने की तैयारी की।
हालांकि, जब एडीएम ज्ञापन लेने पहुंचे तो प्रदर्शनकारियों ने उन्हें ज्ञापन देने से इनकार कर दिया। प्रदर्शनकारियों ने साफ कहा कि उनका ज्ञापन केवल डीएम अविनाश सिंह ही स्वीकार करेंगे। इसके बाद बड़ी संख्या में संत, गौ सेवक और हिंदू संगठनों के कार्यकर्ता कलेक्ट्रेट गेट पर ही धरने पर बैठ गए।
धरना स्थल पर हनुमान चालीसा का पाठ किया गया और डीजे के जरिए भक्ति गीत बजाए गए। इस दौरान प्रदर्शनकारी लगातार ‘जय श्रीराम’ और ‘जन्म-जन्म का नाता है, गाय हमारी माता है’ जैसे नारे लगाते रहे। साधु-संतों की मौजूदगी से पूरा माहौल भक्तिमय नजर आया।
प्रदर्शनकारियों ने कहा कि गौ माता भारतीय संस्कृति, आस्था और सनातन परंपरा का महत्वपूर्ण हिस्सा हैं। उनकी मांग है कि गाय को राष्ट्रीय माता का दर्जा दिया जाए। इसी मांग को लेकर पदयात्रा निकालकर सरकार के नाम ज्ञापन सौंपने की योजना बनाई गई थी, लेकिन डीएम के मौके पर नहीं पहुंचने के कारण प्रदर्शनकारियों ने ज्ञापन देने से इनकार कर दिया।
बड़ी संख्या में लोगों के जुटने को देखते हुए कलेक्ट्रेट परिसर के बाहर सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए। भारी पुलिस बल तैनात रहा। प्रशासन की ओर से प्रदर्शनकारियों से बातचीत कर उन्हें शांत कराने और ज्ञापन लेने का प्रयास किया जाता रहा। वहीं, प्रदर्शनकारी डीएम के मौके पर पहुंचने का इंतजार करते हुए देर तक धरने पर बैठे रहे।
