उत्तर प्रदेश के बरेली में पुलिस ने एक बड़े फर्जीवाड़े का खुलासा करते हुए तीन बहनों को गिरफ्तार किया है, जो खुद को IAS/PCS अफसर बताकर बेरोजगार युवाओं से नौकरी दिलाने के नाम पर ठगी कर रही थीं।
मुख्य आरोपी विप्रा शर्मा, जो डबल MA और PhD धारक है तथा 2020 तक UPSC की तैयारी कर रही थी, पर आरोप है कि उसने अपनी सगी बहन शिखा पाठक और ममेरी बहन दीक्षा पाठक के साथ मिलकर यह गिरोह चलाया।
जांच में सामने आया है कि विप्रा शर्मा खुद को कभी IAS तो कभी PCS अधिकारी बताकर सरकारी पहचान का भ्रम पैदा करती थी। वह “उत्तर प्रदेश सरकार” और “ADM F/R” लिखी XUV गाड़ी में घूमती थी, जिससे लोग आसानी से विश्वास कर लेते थे।
गिरोह द्वारा पोस्ट ऑफिस के माध्यम से फर्जी नियुक्ति पत्र भेजे जाते थे और कुछ मामलों में शुरुआती महीनों का वेतन देकर लोगों को भरोसे में लिया जाता था।
पुलिस ने कार्रवाई करते हुए करीब ₹4.5 लाख नकद, XUV वाहन, चेकबुक, पासबुक और 4 मोबाइल फोन बरामद किए हैं। इसके साथ ही गिरोह के बैंक खातों में जमा लगभग ₹55 लाख की राशि फ्रीज कर दी गई है।
फिलहाल तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है।
