पटना: बिहार विधानसभा में मंगलवार (03 फरवरी 2026) को राज्य का अब तक का सबसे बड़ा बजट पेश किया गया। वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए 3 लाख 47 हजार 589 करोड़ रुपये का बजट रखा गया है, जो पिछले वर्ष के मुकाबले लगभग 30 हजार करोड़ रुपये अधिक है। इससे पहले राज्य का बजट 3.17 लाख करोड़ रुपये का था।
वित्त मंत्री बिजेंद्र यादव ने बजट पेश करते हुए कहा कि यह बजट ईमान, ज्ञान, विज्ञान, अरमान और सम्मान की मूल भावना को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है।
शिक्षा और स्वास्थ्य पर बड़ा फोकस
राज्य सरकार ने इस बजट में सामाजिक और विकासात्मक क्षेत्रों को प्राथमिकता दी है।
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शिक्षा क्षेत्र के लिए 60,954 करोड़ रुपये
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स्वास्थ्य सेवाओं के लिए 20,335 करोड़ रुपये
इसके अलावा सड़क, पुल, बिजली, पानी और सरकारी भवनों जैसे बुनियादी ढांचे के विकास के लिए 63,455 करोड़ रुपये का पूंजीगत खर्च प्रस्तावित किया गया है। बजट में पांच नए एक्सप्रेस-वे, किफायती आवास और शहरी विकास योजनाओं को भी शामिल किया गया है।
खेती और उद्योग को मिलेगा बढ़ावा
बजट में कृषि रोडमैप-4 को आगे बढ़ाने की घोषणा की गई है, जिसका उद्देश्य किसानों की आय बढ़ाना और आधुनिक खेती को प्रोत्साहित करना है।
मक्का, दलहन, तिलहन और फल-सब्जी उत्पादन बढ़ाने पर जोर दिया गया है। इसके साथ ही किसानों को मुख्यमंत्री किसान सम्मान निधि के तहत सालाना 3000 रुपये की अतिरिक्त सहायता देने का प्रावधान किया गया है।
उद्योगों के लिए बुनियादी ढांचे के विस्तार, स्टार्टअप को बढ़ावा और ग्रामीण हाट-बाजारों के सशक्तीकरण की योजनाएं भी बजट का हिस्सा हैं।
महिला सशक्तिकरण और सामाजिक न्याय
महिला रोजगार योजना के तहत अब तक 1 करोड़ 56 लाख से अधिक महिलाओं को 10 हजार रुपये की सहायता दी जा चुकी है। उनके व्यवसाय को आगे बढ़ाने के लिए अब 2 लाख रुपये तक की अतिरिक्त आर्थिक मदद भी दी जाएगी।
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अनुसूचित जाति विभाग: 19,603 करोड़ रुपये
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अनुसूचित जनजाति विभाग: 1,648 करोड़ रुपये
पुलिस, शिक्षा और रोजगार पर निवेश
गृह विभाग (पुलिस और सुरक्षा) के लिए 20,132.87 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है।
बजट में नए डिग्री कॉलेज, मॉडल स्कूल, शिक्षकों की भर्ती, डिजिटल शिक्षा और उच्च शिक्षा संस्थानों के विस्तार पर विशेष जोर दिया गया है।
सरकार ने आने वाले वर्षों में एक करोड़ रोजगार और नौकरियां सृजित करने का लक्ष्य तय किया है। औद्योगिक क्षेत्र में करीब 50 लाख करोड़ रुपये के निजी निवेश की संभावनाएं तलाशी जा रही हैं, जिससे युवाओं को बड़े पैमाने पर रोजगार मिलेगा।
सात निश्चय-3 के साथ विकास की राह
वित्त मंत्री ने कहा कि राज्य सरकार सात निश्चय-3 के संकल्प के साथ बिहार को विकसित राज्यों की श्रेणी में लाने की दिशा में आगे बढ़ रही है। सरकार का लक्ष्य 94 लाख गरीब परिवारों को सशक्त बनाना और उन्हें शिक्षा, स्वास्थ्य व आवास जैसी बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध कराना है।
