“राजस्थान में भारतीय जनता पार्टी के कैबिनेट मंत्री डॉक्टर किरोड़ी लाल मीणा ने अपनी ही सरकार पर फोन टैपिंग और जासूसी करवाने के गंभीर आरोप लगाए हैं, जिसके बाद राज्य की राजनीति गरमा गई है। मंत्री के आरोपों के बाद विपक्ष ने विधानसभा सत्र के दौरान मुख्यमंत्री के इस्तीफे की मांग की।
वहीं, प्रदेश सरकार ने किरोड़ी लाल मीणा के आरोपों को निराधार बताया है। विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने कहा, ‘कैबिनेट मंत्री का फोन टैप हो रहा है और वह मुख्यमंत्री पर गंभीर आरोप लगा रहे हैं, ऐसे में मुख्यमंत्री को इस्तीफा देना चाहिए।’ इसके बाद कांग्रेस विधायकों ने ‘मुख्यमंत्री इस्तीफा दो’ के नारे लगाए, और हंगामा होने के कारण विधानसभा की कार्रवाई दो बार स्थगित करनी पड़ी।
किरोड़ी लाल मीणा ने एक कार्यक्रम में कहा था कि जब उन्होंने सब इंस्पेक्टर भर्ती परीक्षा रद्द करने की बात की थी तो सरकार ने उनकी बात नहीं मानी, और इसके बाद सरकार ने उनकी जासूसी करवाई और उनका फोन टैप किया। उन्होंने यह भी कहा कि वह सच बोलने से डरते नहीं हैं और हमेशा सरकार की गलत नीतियों के खिलाफ बोलते रहेंगे।
किरोड़ी लाल मीणा ने इस भर्ती परीक्षा को रद्द करने की मांग की है, जिसमें पेपर लीक से जुड़े करीब 50 लोगों की गिरफ्तारी के बावजूद परीक्षा को रद्द नहीं किया गया है।
राजस्थान के पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने भी इस मुद्दे पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि उनकी सरकार के दौरान किसी भी विधायक का फोन टैप नहीं किया गया था। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार अपने ही कैबिनेट मंत्री के आरोपों से अपनी सच्चाई उजागर कर रही है।
प्रदेश सरकार ने मंत्री के आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि अशोक गहलोत सरकार के दौरान फोन टैपिंग की गई थी, लेकिन उनकी सरकार किसी विधायक का फोन नहीं टेप करती।
डॉक्टर किरोड़ी लाल मीणा ने मंत्री पद से इस्तीफा दे दिया था, हालांकि उनका इस्तीफा स्वीकार नहीं हुआ है। स्वास्थ्य कारणों से उन्होंने विधानसभा सत्र से छुट्टी ली है, और उनके सत्र में शामिल नहीं होने को उनकी सरकार के प्रति नाराज़गी के रूप में देखा जा रहा है।”
