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Budget 2026-27: स्वास्थ्य पर बड़ा बजट, लेकिन ग्रामीण स्वास्थ्य सेवा में सुधार की जरूरत अभी भी बनी

केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने रविवार को बजट 2026-27 पेश करते हुए कैंसर, डायबिटीज और सात अन्य दुर्लभ बीमारियों की दवाओं को सस्ती करने की घोषणा की। यह कदम निश्चित रूप से रोगियों के लिए राहत भरा है, खासकर उत्तर प्रदेश और अन्य राज्यों में लाखों कैंसर व करोड़ों शुगर रोगियों के लिए।

हालांकि विशेषज्ञों का मानना है कि ग्रामीण स्वास्थ्य सेवा की गुणवत्ता में सुधार अभी भी प्राथमिक आवश्यकता है। अस्पतालों के बाहर प्राथमिक देखभाल, डॉक्टर और नर्स की कमी जैसी चुनौतियां बनी हुई हैं। इंडियन रूरल मेडिकोज़ सोसाइटी की मांग है कि बुनियादी स्वास्थ्य सेवाओं पर ज्यादा फोकस किया जाए और ग्रामीण स्वास्थ्य पर GDP के हिस्से के हिसाब से निवेश बढ़ाया जाए

बजट में स्वास्थ्य क्षेत्र के मुख्य ऐलान

  • स्वास्थ्य क्षेत्र को अब तक का सबसे बड़ा बजट मिला।

  • कैंसर मरीजों के लिए डे केयर के बाद सस्ती दवाओं की व्यवस्था।

  • जिला अस्पतालों में आपातकालीन चिकित्सा और ट्रामा केयर सुविधाओं का विस्तार।

  • स्वास्थ्य सहायक पेशेवरों (AHP) के लिए नया कार्यक्रम: रेडियोलॉजी, एनेस्थीसिया, ओटी टेक्नोलॉजी, प्रायोगिक मनोविज्ञान और मानसिक स्वास्थ्य समेत 10 प्रमुख विधाओं में लगभग 1 लाख नए स्वास्थ्य सहायकों को जोड़ा जाएगा।

  • आयुर्वेद और पारंपरिक चिकित्सा को बढ़ावा।

  • चिकित्सा क्षेत्र में रोजगार सृजन पर ध्यान।

ग्रामीण स्वास्थ्य सुधार की जरूरत

विशेषज्ञों का कहना है कि ग्रामीण इलाकों में अनुभवी मेडिकल वर्कर्स यानी “मेडिकल मित्र” अगर हटाए गए तो स्वास्थ्य प्रणाली भर-भर कर ढह सकती है। इसके लिए सुझाव दिया गया है कि कथित झोलाछाप डॉक्टरों को समयबद्ध प्रशिक्षण देकर, उन्हें कानूनी रूप से स्वास्थ्य सेवा में शामिल किया जाए।

इंडियन रूरल मेडिकोज़ सोसाइटी और प्राइवेट मेडिकल प्रैक्टिशनर्स एसोसिएशन की भूमिका को प्राथमिकता देने से ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं का दायरा और प्रभाव बढ़ाया जा सकता है

Budget 2026-27 ने स्वास्थ्य क्षेत्र को बड़ा बजट और नई पहलें दी हैं, लेकिन ग्रामीण स्वास्थ्य सेवाओं, डॉक्टर और पैरामेडिकल स्टाफ की कमी अभी भी चुनौती बनी हुई है। विशेषज्ञों का मानना है कि सस्ती दवाओं के साथ-साथ बुनियादी स्वास्थ्य सुविधाओं में सुधार और स्किल्ड हेल्थ वर्कर्स की तैनाती अधिक जरूरी है।

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