लखनऊ: उत्तर प्रदेश में प्रस्तावित त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव को लेकर हलचल तेज हो गई है। इसी बीच, आजाद समाज पार्टी (कांशीराम) के अध्यक्ष और नगीना से सांसद चंद्रशेखर आजाद ने चुनाव में अन्य पिछड़ा वर्ग (OBC) के लिए सीटों और पदों पर उचित आरक्षण सुनिश्चित करने की मांग की है। उन्होंने इसके लिए चुनाव आयोग और राज्य सरकार से आवश्यक कार्रवाई करने का आग्रह किया है।
चंद्रशेखर आजाद ने इस संबंध में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, पंचायती राज मंत्री ओम प्रकाश राजभर और राज्य चुनाव आयोग को पत्र लिखा है। सांसद ने कहा कि उत्तर प्रदेश में प्रस्तावित पंचायत चुनावों में ओबीसी आरक्षण का प्रश्न न केवल संवैधानिक है बल्कि सामाजिक न्याय के दृष्टिकोण से भी अत्यंत महत्वपूर्ण है।
ओबीसी आरक्षण की आवश्यकता
सांसद ने कहा कि यदि ग्राम पंचायत और जिला पंचायत में ओबीसी समाज का उचित प्रतिनिधित्व नहीं मिलता, तो केवल एक वर्ग के अधिकारों का हनन नहीं होगा, बल्कि सामाजिक न्याय की भावना पर भी चोट लगेगी। उन्होंने संविधान के अनुच्छेद 243D(6) का हवाला देते हुए कहा कि राज्य सरकार के पास पंचायतों में ओबीसी आरक्षण लागू करने का अधिकार है।
चंद्रशेखर आजाद ने चेताया कि ओबीसी आरक्षण को लागू करना राज्य सरकार का दायित्व है। उन्होंने 2023 के नगर निकाय चुनाव का उदाहरण देते हुए कहा कि उस समय ओबीसी आरक्षण को लेकर लापरवाही के कारण हाईकोर्ट ने चुनाव प्रक्रिया पर रोक लगाई थी। इसके बाद ही सरकार को सुधारात्मक कदम उठाने पड़े थे।
सांसद की मांग
नगीना सांसद ने सरकार पर सवाल उठाया कि पिछले अनुभव से सबक लेने के बावजूद, पंचायत चुनाव में ओबीसी आरक्षण को लेकर कोई स्पष्ट, समयबद्ध और पारदर्शी कार्रवाई नहीं की गई। उन्होंने कहा कि यह स्थिति प्रशासनिक असफलता और ओबीसी समाज के अधिकारों के प्रति सरकार की उदासीनता को दर्शाती है।
उन्होंने साफ किया कि आगामी पंचायत चुनावों में ओबीसी आरक्षण को सुनिश्चित किया जाए, और इसे समयबद्ध तरीके से लागू किया जाए ताकि कोई भी चुनाव आरक्षण विहीन न हो। सांसद ने कहा कि यह कोई विशेष कृपा नहीं बल्कि संवैधानिक अधिकार की मांग है।
