लखनऊ । उत्तर प्रदेश के हथकरघा एवं वस्त्रोद्योग क्षेत्र को बढ़ावा देने के लिए यूपी टेक्स-2026 का आयोजन 8 और 9 सितंबर को लखनऊ के इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान, गोमती नगर में किया जाएगा। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ मंगलवार को इसका उद्घाटन करेंगे। कार्यक्रम में देश के प्रतिष्ठित वस्त्र व्यवसायी और निर्माता शामिल होंगे।
दो दिवसीय आयोजन के जरिए प्रदेश में वस्त्र उद्योग की संभावनाओं, निवेश, उत्पादन और रोजगार के अवसरों को बढ़ावा देने पर जोर रहेगा। योगी सरकार के कार्यकाल में टेक्सटाइल सेक्टर में निवेश और रोजगार सृजन के लिए कई नीतियां लागू की गई हैं।
157 वस्त्र इकाइयों को 416.75 करोड़ की वित्तीय सहायता
वर्ष 2017-18 से अब तक ‘उत्तर प्रदेश हैंडलूम, पावरलूम, सिल्क, टेक्सटाइल एवं गारमेंटिंग पॉलिसी-2017’ और ‘उत्तर प्रदेश टेक्सटाइल एवं गारमेंटिंग पॉलिसी-2022’ लागू की गई हैं। इन नीतियों के तहत नई वस्त्र इकाइयों और विस्तार या विविधीकरण करने वाली इकाइयों के लिए 214 इकाइयों के पक्ष में लेटर ऑफ कम्फर्ट जारी किए गए हैं।
इनमें से 157 इकाइयों को 416.75 करोड़ रुपये की वित्तीय सहायता वितरित की जा चुकी है।
4,122 बुनकरों को 73.18 करोड़ की मदद
हथकरघा और पावरलूम बुनकरों को स्वरोजगार और उत्पादन से जोड़ने के लिए मुख्यमंत्री हैंडलूम एवं पावरलूम उद्योग विकास योजना संचालित की जा रही है। वित्तीय वर्ष 2023-24 से शुरू इस योजना के तहत अब तक 4,122 बुनकरों को 73.18 करोड़ रुपये की वित्तीय सहायता दी जा चुकी है।
इस योजना के तहत नए करघे खरीदने, कार्यशाला निर्माण और प्रशिक्षण के लिए सहायता का प्रावधान है।
अनुसूचित जाति के बुनकरों के लिए ‘झलकारी बाई कोरी हथकरघा एवं पावरलूम विकास योजना’ भी संचालित है। इसके तहत अब तक 4,039 बुनकरों को 77.45 करोड़ रुपये की वित्तीय सहायता दी गई है।
99,929 पावरलूम बुनकरों को बिजली दर में राहत
पावरलूम बुनकरों की उत्पादन लागत कम करने के लिए ‘अटल बिहारी पावरलूम बुनकर विद्युत फ्लैट रेट योजना’ के तहत भी सहायता दी जा रही है। योजना के अंतर्गत 99,929 पावरलूम विद्युत कनेक्शनधारक बुनकरों को लाभ पहुंचाने के लिए अब तक 3,446.44 करोड़ रुपये की वित्तीय सहायता अनुमोदित की जा चुकी है।
टेक्सटाइल पार्कों से निवेश और रोजगार बढ़ाने की तैयारी
प्रदेश में आधुनिक टेक्सटाइल इंफ्रास्ट्रक्चर विकसित करने पर भी सरकार का फोकस है। लखनऊ-हरदोई सीमा पर 1,000 एकड़ भूमि में पीएम मित्र पार्क विकसित किया जा रहा है। इसकी बाउंड्री वॉल का निर्माण करीब 95 प्रतिशत पूरा हो चुका है।
इसके अलावा 3 अक्टूबर 2025 को ‘संत कबीर टेक्सटाइल एवं अपैरल पार्क योजना’ घोषित की गई थी। इसके तहत वाराणसी, संत कबीर नगर, बरेली, बिजनौर और अमरोहा में टेक्सटाइल पार्क स्थापित करने के लिए भूमि चिह्नित करने की प्रक्रिया चल रही है। सीतापुर, रायबरेली, मऊ और कानपुर नगर में भी टेक्सटाइल पार्कों के लिए भूमि चिह्नित की जा रही है।
नई योजनाओं से कौशल विकास और बुनकरों की आय बढ़ाने पर जोर
वित्तीय वर्ष 2026-27 में विभाग ने दो नई योजनाएं शुरू की हैं। ‘उत्तर प्रदेश वस्त्र क्षेत्र प्रशिक्षण एवं कौशल विकास योजना’ के तहत प्रदेश में स्थापित होने वाली वस्त्र इकाइयों की जरूरत के अनुसार प्रशिक्षित और कुशल श्रमिक तैयार करने का लक्ष्य है।
वहीं ‘मुख्यमंत्री हथकरघा बुनकर समृद्धि योजना’ के जरिए बुनकरों को समूहों में संगठित कर सामूहिक उत्पादन को बढ़ावा दिया जाएगा। इसका उद्देश्य बुनकरों के कारोबार को आर्थिक मजबूती देना, उनकी आय बढ़ाना और विदेशी मुद्रा अर्जित करने की दिशा में काम करना है।
