योगी आदित्यनाथ शनिवार को लखीमपुर खीरी के दौरे पर रहेंगे, जहां वह 1311 करोड़ रुपये की 538 विकास परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास करेंगे। इस दौरान मुख्यमंत्री पलिया और मोहम्मदी विधानसभा क्षेत्रों में जनसभाओं को संबोधित करेंगे और विभिन्न योजनाओं के लाभार्थियों को सीधे लाभ वितरित करेंगे।
मुख्यमंत्री कुल 356 करोड़ रुपये की 345 परियोजनाओं का लोकार्पण और 955 करोड़ रुपये की 193 परियोजनाओं का शिलान्यास करेंगे। इन परियोजनाओं का लाभ जिले के सात विधानसभा क्षेत्रों—लखीमपुर, गोला, श्रीनगर, पलिया, निघासन, मोहम्मदी और धौरहरा—के लोगों को मिलेगा।
कार्यक्रम की शुरुआत पलिया के चंदन चौकी से होगी, जहां मुख्यमंत्री जनसभा को संबोधित करने के साथ थारू जनजाति के परिवारों को भूमि स्वामित्व अधिकार पत्र सौंपेंगे। साथ ही विभिन्न योजनाओं के तहत लाभार्थियों को डेमो चेक और प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण के अंतर्गत आवास की चाबी भी दी जाएगी।
इसके बाद मुख्यमंत्री मोहम्मदी के मियांपुर में आयोजित कार्यक्रम में शामिल होंगे, जहां विस्थापित परिवारों को भूमि अधिकार पत्र प्रदान किए जाएंगे। यहां भी विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं के लाभार्थियों को चेक और आवास की चाबियां सौंपी जाएंगी।
थारू जनजाति को मिलेगा पूर्ण स्वामित्व अधिकार
योगी सरकार ने थारू जनजाति के 34 गांवों के 4356 परिवारों को 5338 हेक्टेयर भूमि पर पूर्ण स्वामित्व अधिकार देने का निर्णय लिया है। वर्ष 1976 से भूमि उपयोग का अधिकार रखने वाले इन परिवारों को अब मालिकाना हक मिलने जा रहा है, जिससे उनकी आर्थिक और सामाजिक स्थिति मजबूत होगी।
विस्थापित और उपनिवेश परिवारों को राहत
नदी कटान से प्रभावित 2350 परिवारों को उपनिवेश योजना के तहत भूमि आवंटन किया गया है। इसके साथ ही पूर्वी पाकिस्तान/बांग्लादेश से विस्थापित 331 हिंदू परिवारों का भी जिले में पुनर्वास किया गया है, जिन्हें कृषि योग्य भूमि उपलब्ध कराई गई है।
सरकारी योजनाओं का मिल रहा लाभ
सरकार द्वारा इन परिवारों को प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि, उज्ज्वला योजना, प्रधानमंत्री आवास योजना, किसान क्रेडिट कार्ड और अन्य योजनाओं का लाभ भी दिया जा रहा है। साथ ही शिक्षा, स्वास्थ्य, सड़क और रोजगार जैसी बुनियादी सुविधाएं भी सुनिश्चित की जा रही हैं।
मुख्यमंत्री का यह दौरा विकास, पुनर्वास और सामाजिक न्याय के मॉडल को जमीनी स्तर पर लागू करने की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है।
