लखनऊ: राजधानी लखनऊ के महानगर क्षेत्र में खुद को आईपीएस अधिकारी बताकर रौब झाड़ने वाले एक शख्स की हकीकत तब सामने आ गई, जब वह एक दुकान पर बन-मक्खन खाकर पैसे दिए बिना जाने लगा। दुकानदार की शिकायत पर पहुंची पुलिस ने जांच की तो पता चला कि वह कोई आईपीएस अधिकारी नहीं, बल्कि फर्जी पहचान बनाकर लोगों पर धौंस जमाने वाला व्यक्ति है।
गोल चौराहे स्थित दुकान संचालक वीरू गुप्ता के मुताबिक, लाल रंग की कार से चार लोग उनकी दुकान पर पहुंचे थे। सभी ने खाने-पीने के बाद चार पैकेट बन भी पैक कराए। जब भुगतान करने की बात आई तो एक व्यक्ति ने पैसे देने से इनकार कर दिया और गाली-गलौज करने लगा।
दुकानदार के अनुसार, आरोपी ने पहले दुकान मालिक का नाम पूछा और फिर उसे धमकाते हुए कहा कि वह उसे देख लेगा। उसकी हरकतों से परेशान होकर स्थानीय पुलिस चौकी को सूचना दी गई।
सूचना मिलने पर मौके पर पहुंची पुलिस से भी आरोपी ने खुद को नोएडा में तैनात आईपीएस अधिकारी बताया। इतना ही नहीं, उसने पुलिसकर्मियों से कहा कि वे उसे सैल्यूट करें और अपनी टोपी पहनकर ड्यूटी करें। हालांकि पुलिस को उसकी बातों पर संदेह हुआ और जब पहचान पत्र मांगा गया तो वह संतोषजनक जवाब नहीं दे सका।
पुलिस पूछताछ में आरोपी की पहचान मिथिलेश शुक्ला के रूप में हुई। उसने बताया कि पहले वह इलेक्ट्रॉनिक्स कारोबार करता था, लेकिन घाटा होने के बाद नौकरी करने नोएडा चला गया। वहां एक आईपीएस अधिकारी का रुतबा देखकर वह प्रभावित हुआ और खुद को आईपीएस बताकर लोगों पर प्रभाव जमाने लगा।
आरोपी ने यह भी स्वीकार किया कि कई बार लोगों ने उसकी बातों पर विश्वास कर लिया, जिससे उसका हौसला बढ़ गया। बताया जा रहा है कि वह नशे की हालत में अक्सर खुद को आईपीएस अधिकारी बताकर लोगों पर रौब जमाने की कोशिश करता था।
सूत्रों के अनुसार, करीब 10 दिन पहले भी वह एक पुलिस चौकी पहुंचकर पुलिसकर्मियों को ड्यूटी संबंधी नसीहतें दे चुका था। उस समय भी उसने खुद को नोएडा का आईपीएस अधिकारी बताया था।
महानगर थाना पुलिस ने आरोपी के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की विभिन्न धाराओं में मामला दर्ज
