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ग्राम सभा की जमीन के नाम पर लाखों की वसूली का आरोप, कोतवाल व दरोगा घिरे

संवाददाता अमित – फर्रुखाबाद

फर्रुखाबाद: पुलिस महकमे पर एक बार फिर गंभीर आरोप लगे हैं। मोहम्मदाबाद कोतवाली में तैनात कोतवाल विनोद शुक्ला और दरोगा सुरेश चाहर पर ग्राम सभा की जमीन को कब्जा मुक्त कराने के नाम पर लाखों रुपये की कथित रिश्वत लेने का मामला सामने आया है। इस प्रकरण ने जिले में पुलिस कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर दिए हैं।

एसडीएम के आदेश के बावजूद नहीं हुई कार्रवाई
जानकारी के अनुसार, ग्राम सभा की जमीन को अवैध कब्जे से मुक्त कराने के लिए एसडीएम द्वारा थाना अध्यक्ष को स्पष्ट निर्देश दिए गए थे। आरोप है कि इन आदेशों के बावजूद कार्रवाई करने की बजाय संबंधित पुलिसकर्मियों ने पैसे की मांग की।

ढाई लाख रुपये लेने का आरोप
शिकायत में कहा गया है कि कोतवाली प्रभारी और दरोगा ने मिलकर करीब ढाई लाख रुपये लिए। आरोप यह भी है कि दरोगा सुरेश चाहर ने रिश्वत की रकम अपने बेटे के बैंक खाते में ट्रांसफर करवाई।

बेटे के खाते में ट्रांसफर हुई रकम
महिला ग्राम प्रधान ने आरोप लगाया है कि उसने दरोगा के बेटे पंकज चाहर के खाते में 1 लाख 75 हजार रुपये ट्रांसफर किए, जबकि बाकी रकम नकद दी गई। यह भी कहा जा रहा है कि इस पूरी प्रक्रिया में सरकारी कार्रवाई का नाम लेकर दबाव बनाया गया।

एडीजी से की गई शिकायत
मामले को लेकर महिला प्रधान ने एडीजी को प्रार्थना पत्र देकर कोतवाल विनोद शुक्ला और दरोगा सुरेश चाहर के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। शिकायत में दोनों पर भ्रष्टाचार के आरोप लगाते हुए जांच कर दंडित करने की अपील की गई है।

लंबे समय से तैनाती और अन्य आरोप
शिकायत में यह भी उल्लेख किया गया है कि दरोगा सुरेश चाहर कई वर्षों से जिले में तैनात हैं। उन पर यह आरोप भी लगाया गया है कि उनका बेटा जिले में अवैध रूप से जमीनों पर खेती का कारोबार संचालित कर रहा है।

अवैध खेती के कारोबार का आरोप
बताया जा रहा है कि कोतवाली मोहम्मदाबाद क्षेत्र के बनपोई गांव के एक युवक के माध्यम से यह खेती का काम कराया जाता था। वहीं, पंकज चाहर फर्रुखाबाद शहर में किराए के मकान में रहकर इस कथित कारोबार को संचालित करता था।

जांच के बाद ही होगी सच्चाई स्पष्ट
फिलहाल यह सभी आरोप शिकायत के आधार पर लगाए गए हैं। मामले की आधिकारिक पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी। एडीजी स्तर पर शिकायत पहुंचने के बाद अब देखना होगा कि प्रशासन इस पर क्या कार्रवाई करता है।

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