झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री चंपई सोरेन के पोते वीर सोरेन की कुल्लू में संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। इस घटना से परिवार और समर्थकों में शोक की लहर है। सूचना मिलते ही चंपई सोरेन अपने बेटे बाबूलाल सोरेन और अन्य परिजनों के साथ शिमला के लिए रवाना हो गए। फिलहाल मौत के कारणों का स्पष्ट पता नहीं चल पाया है और पुलिस मामले की जांच कर रही है।
दोस्तों के साथ मनाली ट्रिप पर गए थे
जानकारी के अनुसार वीर सोरेन अपने दोस्तों के साथ मनाली घूमने गए थे। वे सोलंग नाला और हामटा पास स्नो प्वाइंट पर घूमने के बाद अपने होम स्टे लौटे थे। बताया जा रहा है कि सोमवार को घूमने के बाद मंगलवार सुबह वीर होम स्टे में ही रुके रहे, जबकि उनके अन्य दोस्त बाहर चले गए।
सिरदर्द की शिकायत के बाद बिगड़ी तबीयत
दोस्तों के मुताबिक वीर ने सिर में तेज दर्द की शिकायत की थी। उन्होंने दवाई ली और आराम करने चले गए। दोपहर करीब ढाई बजे कमरे से गिरने की आवाज आई। जब दोस्त अंदर पहुंचे तो वे बिस्तर से नीचे गिरे हुए थे।
उन्हें तुरंत अस्पताल ले जाया गया। रास्ते में उनके मुंह से झाग निकलने की भी बात सामने आई है। सिविल अस्पताल में डॉक्टरों ने सीपीआर देने की कोशिश की, लेकिन जांच के बाद उन्हें मृत घोषित कर दिया गया।
पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार
स्थानीय पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। अधिकारियों का कहना है कि रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के वास्तविक कारणों का खुलासा हो सकेगा।
इस दुखद घटना के बाद झारखंड के राजनीतिक जगत और कोल्हान क्षेत्र में शोक की लहर है। परिवार के सदस्य शिमला पहुंचकर आगे की कानूनी प्रक्रिया पूरी करेंगे।
