सोने-चांदी के दामों में उतार-चढ़ाव का असर अब सीधे सर्राफा बाजार पर दिखाई देने लगा है। रिकॉर्ड स्तर पर पहुंचते दामों ने न सिर्फ ग्राहक का बजट बदला, बल्कि पसंद भी बदल गई। जहां पहले भारी और पारंपरिक गहनों की मांग रहती थी, वहीं अब हल्के डिजाइन और कम वजन वाले गहनों को तरजीह दी जा रही है।
सोने की मांग में गिरावट, ग्राहक रि-डिजाइन को प्राथमिकता दे रहे
इंडिया बुलियन एंड ज्वेलर्स एसोसिएशन (IBJA) के उत्तर भारत के प्रमुख और यूपी अध्यक्ष अनुराग रस्तोगी के मुताबिक, इस बार सोने की कीमतें रिकॉर्ड ऊंचाई पर हैं। ग्राहक भारी और बड़े आभूषण खरीदने से बच रहे हैं। पिछले 15-20 दिनों में बाजार लगभग ठप रहा।
सोने की मांग में 25 से 28 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई है, और वर्तमान में केवल 5 से 10 प्रतिशत तक ही खरीदारी हो रही है। अधिकतर ग्राहक अपने पुराने सोने को रि-साइकल या रि-डिजाइन करवा रहे हैं।
बुलियन कारोबारी सक्रिय, आम ग्राहक कम
अनुराग रस्तोगी बताते हैं कि चांदी के दामों में उतार-चढ़ाव के कारण लोग खरीदारी से बच रहे हैं। बाजार में ज्यादातर बुलियन कारोबारी ही सक्रिय नजर आए, जो सोना-चांदी को निवेश के तौर पर खरीद-बिक्री करते हैं।
सोने की कीमतों में हल्की तेजी की संभावना
ऑल इंडिया ज्वेलरी एंड गोल्ड स्मिथ फेडरेशन के प्रदेश संयोजक विनोद महेश्वरी के अनुसार, सोने की कीमतों में राजनीतिक घटनाक्रम और वैश्विक परिस्थितियों का असर दिख रहा है। आने वाले समय में सोने के दामों में 15 प्रतिशत तक हल्की तेजी की संभावना जताई जा रही है, जबकि चांदी के दाम लगभग स्थिर रहेंगे।
हल्के डिजाइन और कम कैरेट वाले गहनों की बढ़ती लोकप्रियता
शादी के सीजन और बढ़ती महंगाई के चलते ग्राहक नए गहने खरीदने की बजाय पुराने गहनों को रि-डिजाइन करवा रहे हैं। शहरों में ग्राहक अब हल्के और 9 से 14 कैरेट के गहनों को ज्यादा पसंद कर रहे हैं। पहले 22 कैरेट (92% शुद्धता) वाला सोना लेने वाले अब 18 कैरेट के गहनों में निवेश कर रहे हैं।
गोरखपुर स्थित परंपरा जेम्स एंड ज्वेलर्स के डायरेक्टर संजय अग्रवाल के मुताबिक, हल्के वजन में भड़कीले और आकर्षक डिजाइन वाले गहनों की मांग तेजी से बढ़ी है। ग्राहकों को लाइटवेट, लेकिन हैवी लुक वाली ज्वेलरी अधिक आकर्षक लग रही है।
