उत्तर प्रदेश के हापुड़ जिले के गढ़मुक्तेश्वर क्षेत्र में स्थित प्राचीन काल भैरव मंदिर को करीब 50 वर्षों बाद प्रशासन ने अवैध कब्जे से मुक्त करा दिया। जिलाधिकारी अभिषेक पांडेय के निर्देश पर की गई इस कार्रवाई के बाद मंदिर का ताला खुलवाया गया, जिससे स्थानीय लोगों में खुशी की लहर दौड़ गई है।
लंबे समय से बंद था मंदिर
गढ़मुक्तेश्वर के नक्का कुआं इलाके में स्थित यह सैकड़ों वर्ष पुराना काल भैरव मंदिर पिछले लगभग 50 सालों से बंद पड़ा था। जानकारी के अनुसार, कुछ भूमाफियाओं ने मंदिर पर कब्जा कर ताला लगा दिया था, जिसके चलते श्रद्धालु यहां पूजा-अर्चना नहीं कर पा रहे थे।
निरीक्षण के दौरान सामने आया मामला
जिलाधिकारी अभिषेक पांडेय जब क्षेत्र में चल रहे विकास कार्यों और मंदिरों के जीर्णोद्धार का निरीक्षण करने पहुंचे, तब उनकी नजर इस अतिक्रमण पर पड़ी। मामले को गंभीरता से लेते हुए उन्होंने तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए।
इसके बाद प्रशासनिक टीम मौके पर पहुंची और मंदिर का ताला तोड़कर अवैध कब्जा हटा दिया गया।
फिर से स्थापित होगी मूर्ति
अधिकारियों के अनुसार, भगवान काल भैरव की मूर्ति को उसके मूल स्थान पर दोबारा स्थापित किया जाएगा। साथ ही मंदिर के जीर्णोद्धार और आसपास के क्षेत्र के विकास की भी योजना तैयार की जा रही है।
सख्त संदेश
इस कार्रवाई से न केवल एक प्राचीन धार्मिक स्थल के पुनर्जीवन का मार्ग प्रशस्त हुआ है, बल्कि अवैध कब्जों के खिलाफ प्रशासन के सख्त रुख का भी स्पष्ट संकेत मिला है।
