पाकिस्तान की ट्रांसजेंडर एक्टिविस्ट Hina Baloch का एक बयान इन दिनों सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बना हुआ है। एक इंटरव्यू में उन्होंने पाकिस्तान में लोगों की यौन पहचान को लेकर बड़ा दावा किया है, जिसे लेकर बहस तेज हो गई है।
यूट्यूब चैनल Queer Global को दिए इंटरव्यू में हिना बलोच ने कहा कि उनके अनुसार पाकिस्तान में बड़ी संख्या में लोग अपनी वास्तविक यौन पहचान सार्वजनिक नहीं करते। उनका मानना है कि कई लोग सामाजिक और सांस्कृतिक दबाव के कारण अपनी पहचान छिपाकर रखते हैं।
हिना बलोच का यह बयान इंटरव्यू के एक हिस्से में सामने आया, जिसका छोटा क्लिप सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया। हालांकि, उनके इस दावे को लेकर अलग-अलग प्रतिक्रियाएं देखने को मिल रही हैं और कई लोग इसे व्यक्तिगत राय बता रहे हैं।
उन्होंने अपने बयान में यह भी कहा कि पाकिस्तान में धर्म, समाज और पारिवारिक मान्यताओं का दबाव इतना अधिक है कि लोग खुलकर अपनी पहचान स्वीकार करने से बचते हैं। यही वजह है कि यह मुद्दा एक “ओपन सीक्रेट” की तरह बना रहता है।
हिना बलोच पाकिस्तान में ‘सिंध मूरत मार्च’ की को-फाउंडर रह चुकी हैं और ‘औरत मार्च’ में भी सक्रिय भूमिका निभा चुकी हैं। उन्होंने यह भी बताया कि एक प्रदर्शन के दौरान प्राइड फ्लैग फहराने पर उन्हें हिंसा का सामना करना पड़ा, जिसके बाद उन्हें देश छोड़ना पड़ा।
वर्तमान में वह यूनाइटेड किंगडम में रह रही हैं, जहां उन्हें SOAS University of London से स्कॉलरशिप मिली है।
कराची की रहने वाली हिना बलोच खुद को पाकिस्तान में कानूनी रूप से मान्यता प्राप्त थर्ड जेंडर ‘ख्वाजा सीरा’ के रूप में पहचानती हैं। उन्होंने अपने बचपन के अनुभव साझा करते हुए बताया कि उन्हें अपनी पहचान को लेकर परिवार और समाज से काफी संघर्ष करना पड़ा।
