सीमा पर बढ़ती चुनौतियों के मद्देनज़र भारत अपने वायु क्षेत्र को मजबूत और सुरक्षित करने में जुटा है। रक्षा मंत्रालय से जुड़े सूत्रों के मुताबिक, डिफेंस एक्विजिशन काउंसिल (DAC) ने भारतीय वायुसेना के लिए 114 राफेल फाइटर जेट और भारतीय नौसेना के लिए 6 P8i पेट्रोल और टोही एयरक्राफ्ट की खरीद को मंजूरी दे दी है।
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह की अगुवाई वाली DAC ने यह फैसला MRFA प्रोजेक्ट के तहत लिया है, जिससे सेना की लड़ाकू क्षमता में इजाफा होगा।
MRFA प्रोजेक्ट और राफेल की अहमियत
MRFA (मीडियम रोल फाइटर एयरक्राफ्ट) प्रोजेक्ट 2007 के MMRCA कॉम्पिटिशन से निकला। इसके तहत राफेल फाइटर जेट को पसंदीदा विकल्प के रूप में चुना गया। इसके अलावा, DAC हाई-एल्टीट्यूड स्यूडो-सैटेलाइट्स (HAPS) खरीदने पर भी विचार कर सकता है। ये सोलर-पावर्ड अनमैन्ड सिस्टम स्ट्रैटोस्फेरिक सर्विलांस के लिए सक्षम हैं।
स्क्वाड्रन की कमी को पूरा करने की तैयारी
केंद्र सरकार का उद्देश्य वायुसेना की स्क्वाड्रन संख्या में कमी को पूरा करना है। एक समय स्क्वाड्रन की संख्या 42 थी, जो घटकर अब 29 रह गई है। राफेल जेट की नई खेप आने के बाद भी यह अंतर पूरी तरह से खत्म नहीं होगा, लेकिन क्षमता में सुधार निश्चित है।
आगामी प्रक्रिया
राफेल जेट खरीद की DAC से मंजूरी के बाद प्रस्ताव प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की कैबिनेट कमेटी ऑन सिक्योरिटी (CCS) को भेजा जाएगा, जहां अंतिम अनुमोदन मिलने के बाद एयरक्राफ्ट की डिलीवरी प्रक्रिया शुरू होगी।
