भारत ने मालदीव सरकार की अपील पर एक और साल के लिए पांच करोड़ डॉलर की आर्थिक मदद दी है. मालदीव में भारतीय भारतीय उच्चायोग के बयान के अनुसार, मालदीव सरकार के अनुरोध पर स्टेट बैंक ऑफ़ इंडिया ने मालदीव के वित्त मंत्रालय की ओर से जारी पाँच करोड़ डॉलर के गवर्नमेंट ट्रेज़री बिल्स (टी-बिल्स) को सब्सक्राइब किया है.
बयान के मुताबिक, ‘इससे पहले मई 2024 में भी एसबीआई ने इसी तरह से 5 करोड़ डॉलर के टी बिल्स लिए थे. भारत के सार्वजनिक बैंक की ओर से किए गए ये सब्सक्रिप्शन मालदीव को इमरजेंसी वित्तीय मदद के लिए किए गए हैं.’
प्रेस विज्ञप्ति में कहा गया है कि मालदीव भारत का प्रमुख पड़ोसी है और भारत के नेबरहुड फ़र्स्ट नीति के तहत आने वाला प्रमुख साझीदार है.
मालदीव के पूर्व विदेश मंत्री अब्दुल्ला शाहिद ने सोशल मीडिया प्लेटफ़ॉर्म एक्स पर भारत की ओर से की गई इस इमरजेंसी वित्तीय मदद की तारीफ़ करते हुए लिखा अर्थव्यवस्था को संभालने में इस सरकार की नाकामी और इसकी ख़राब विदेश नीति के बावजूद, भारत ने साबित किया है कि वो एक आजमाया हुआ दोस्त और भरोसेमंद साझीदार है.
मालदीव में राष्ट्रपति मोहम्मद मुइज़्ज़ू के सत्ता में आने के बाद भारत के साथ रिश्ते में तनाव आ गया था. जनवरी में सरकार के तीन मंत्रियों की ओर से पीएम मोदी को लेकर की गई टिप्पणी से कूटनीतिक तनाव और बढ़ गया था. लेकिन उसके बाद से मुइज़्ज़ू सरकार की ओर रिश्तों को सुधारने की कई कोशिशें की गई हैं.
