नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार को भारत और यूरोपीय यूनियन (EU) के बीच हुए ऐतिहासिक मुक्त व्यापार समझौते (FTA) को अब तक का सबसे बड़ा बताया। उन्होंने कहा कि यह समझौता केवल व्यापार तक सीमित नहीं है, बल्कि स्ट्रैटजिक टेक्नोलॉजी, क्लीन एनर्जी, मैन्युफैक्चरिंग और निवेश के क्षेत्रों में नए अवसर खोलेगा।
180 बिलियन डॉलर का व्यापार और आठ लाख भारतीय कर्मचारी
पीएम मोदी के अनुसार, भारत और ईयू के बीच मौजूदा व्यापार लगभग 180 बिलियन डॉलर का है, और यूरोप में आठ लाख से अधिक भारतीय कर्मचारी काम कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि इस समझौते से किसानों, छोटे उद्योगों और MSME को यूरोपीय बाजार तक आसान पहुंच मिलेगी।”यह समझौता मैन्युफैक्चरिंग को बढ़ावा देगा, निवेश को तेज करेगा और समाज के सभी वर्गों को व्यापक लाभ प्रदान करेगा,” पीएम मोदी ने साझा प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा।
वैश्विक सप्लाई चेन और सुरक्षा सहयोग मजबूत होंगे
प्रधानमंत्री ने बताया कि यह समझौता वैश्विक सप्लाई चेन को मजबूत करने और मोबिलिटी के लिए नया ढांचा तैयार करने की दिशा में बड़ा कदम है।
उन्होंने कहा कि भारतीय छात्रों और कामगारों के लिए नए अवसर खुलेंगे और साइंस व टेक्नोलॉजी में आपसी सहयोग और गहरा होगा।
मोदी ने यह भी कहा कि रक्षा और सुरक्षा सहयोग किसी भी साझेदारी की बुनियाद है। इसके तहत काउंटर टेररिज्म, साइबर सिक्योरिटी और को-प्रोडक्शन के नए अवसर मिलेंगे। भारत और ईयू अगले पांच वर्षों के लिए एक महत्वाकांक्षी एजेंडा लॉन्च कर रहे हैं, जो इनोवेशन, सुरक्षा और पीपुल-टू-पीपुल संबंधों को सशक्त बनाएगा।
भारत-ईयू: बड़ा व्यापारिक साझेदार
यूरोपीय यूनियन भारत का एक अहम व्यापारिक साझेदार है, जिसके साथ भारत का कुल व्यापार लगभग 17% का है। वित्त वर्ष 2024-25 में भारत और ईयू के बीच कुल व्यापार 136.53 बिलियन डॉलर का रहा, जिसमें भारत ने 60.68 बिलियन डॉलर का आयात और ईयू को 75.85 बिलियन डॉलर का निर्यात किया।
इस प्रकार, भारत को ईयू के साथ 15.17 बिलियन डॉलर का ट्रेड सरप्लस हासिल हुआ। वस्तुओं के व्यापार के अलावा, सेवाओं के क्षेत्र में भी दोनों के बीच मजबूत साझेदारी है। 2024 में भारत-ईयू सेवाओं का व्यापार 83.10 बिलियन डॉलर तक पहुंच गया, जिसमें आईटी, बिजनेस सर्विसेज और टेलीकॉम प्रमुख रहे।
FTA की जरूरत क्यों?
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि यह समझौता किसानों, MSME और मैन्युफैक्चरिंग उद्योगों के लिए सुपरमार्केट तक पहुंच का रास्ता खोलेगा। साथ ही, यह वैश्विक निवेश और तकनीकी सहयोग को बढ़ावा देगा और भारतीय व्यवसायों को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रतिस्पर्धी बनाएगा।”भारत-ईयू FTA सिर्फ व्यापार नहीं, बल्कि नई तकनीक, नवाचार और सुरक्षा सहयोग की दिशा में ऐतिहासिक कदम है,” पीएम मोदी ने कहा।
