भारत और फ्रांस के बीच HAMMER मिसाइल के सहयोग को लेकर मंगलवार को बड़ा समझौता हो सकता है। माना जा रहा है कि फ्रांस के राष्ट्रपति एमैनुएल मैक्रों इस डील पर मुहर लगा सकते हैं। अगर यह समझौता पक्का होता है, तो भारतीय सेना की मारक क्षमता और ज्यादा बढ़ जाएगी।
HAMMER मिसाइल का संयुक्त उत्पादन
दोनों देशों ने एडवांस HAMMER एयर-टू-सरफेस प्रिसिजन गाइडेड म्यूनिशन (PGM) का भारत में संयुक्त उत्पादन (Joint Venture) करने पर सहमति बनाने की तैयारी की है। मिसाइल के ज्यादातर पार्ट्स भारत में ही बनाए जाएंगे। प्रस्तावित JV में भारतीय कंपनी Bharat Electronics Limited (BEL) और फ्रांस की इंजन निर्माता कंपनी Safran की बराबर भागीदारी हो सकती है।
समझौते के तहत शुरुआती उत्पादन क्षमता लगभग 1000 यूनिट प्रति वर्ष तय की गई है, और इसमें तकनीक हस्तांतरण (ToT) के साथ-साथ स्थानीय विशेषज्ञता का विकास भी शामिल होगा।
HAMMER मिसाइल के वेरिएंट और रेंज
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HAMMER 250 XLR – लगभग 200 किमी की स्टैंड-ऑफ रेंज
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HAMMER 1000 XLR – लगभग 150 किमी की रेंज
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छोटी मिसाइल वेरिएंट – लगभग 70 किमी की दूरी से सटीक निशाना
ये मिसाइलें हर मौसम में सटीक निशाना लगा सकती हैं और Dassault Rafale तथा HAL Tejas जैसे लड़ाकू विमानों के साथ पूरी तरह संगत हैं।
राफेल बेड़े के लिए लाभ
सूत्रों के मुताबिक, ऑपरेशन सिंदूर में HAMMER और SCALP मिसाइलों का सफल उपयोग किया गया था। इसके बाद भारत घरेलू उत्पादन चाहता है, ताकि राफेल बेड़े के लिए निरंतर और कस्टमाइज्ड आपूर्ति सुनिश्चित हो सके।
दोनों देशों को फायदा
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भारत: आत्मनिर्भर भारत रक्षा अभियान को मजबूती, उच्च तकनीक हस्तांतरण, घरेलू उत्पादन क्षमता और हथियारों की उपलब्धता
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फ्रांस: भारत जैसे बड़े रक्षा बाजार में मजबूत उपस्थिति और इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में रणनीतिक सहयोग
समझौते की संभावित घोषणा
MoU पर साइनिंग मंगलवार को बेंगलुरु में छठे भारत-फ्रांस वार्षिक रक्षा संवाद के दौरान हो सकती है। इसके लिए दोनों देशों के रक्षा प्रमुख अधिकारी तैयार हैं, और फ्रांसीसी रक्षा मंत्री कैथरीन वॉट्रिन की मौजूदगी में इसकी घोषणा संभव है।इस डील से भारत की रक्षा उत्पादन क्षमता और एडवांस मिसाइल तकनीक में आत्मनिर्भरता दोनों बढ़ेंगी।
