दुनिया के कई देशों में भारतीय नागरिकों, खासकर हिंदुओं के खिलाफ नफरत और नस्लीय टिप्पणियों के मामले लगातार सामने आ रहे हैं। ताजा मामला सऊदी अरब से जुड़ा है, जहां बड़ी संख्या में भारतीय रहते हैं और कारोबार करते हैं। सोशल मीडिया पर वायरल एक वीडियो में एक सऊदी नागरिक को भारतीय कंपनी के साथ नस्लीय और धार्मिक आधार पर दुर्व्यवहार करते देखा जा सकता है।
रियाद के ट्रेड इवेंट का बताया जा रहा है वीडियो
यह वायरल वीडियो सऊदी अरब की राजधानी रियाद में आयोजित एक ट्रेड इवेंट का बताया जा रहा है। हालांकि वीडियो की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हो सकी है, लेकिन इसमें एक सऊदी व्यक्ति एक भारतीय कंपनी के बूथ पर पहुंचकर वहां मौजूद लोगों को परेशान करता नजर आ रहा है।
वीडियो में वह शख्स स्थानीय भाषा में यह कहते हुए दिखाई देता है कि यह एक “हिंदू कंपनी” है और इसमें “एक भी मुसलमान काम नहीं कर रहा।” इसके साथ ही वह स्टॉल लगाने को लेकर भी आपत्ति जताता है।
L&T के बूथ पर हुई घटना
वायरल क्लिप में दिख रहा है कि लार्सन एंड टुब्रो (L&T) ने रियाद में आयोजित ट्रेड इवेंट में अपना बूथ लगाया हुआ है। इसी दौरान सऊदी नागरिक वहां पहुंचता है और नाराजगी जाहिर करते हुए धार्मिक टिप्पणी करता है।
स्टॉल पर मौजूद एक व्यक्ति घटना को अपने मोबाइल फोन से रिकॉर्ड करता नजर आता है, लेकिन सऊदी नागरिक के सामने आते ही वह फोन नीचे कर लेता है और इधर-उधर देखने लगता है।
यूएई के पॉलिटिकल एनालिस्ट ने बताया ‘खुला नस्लवाद’
यूएई स्थित पॉलिटिकल एनालिस्ट अमजद ताहा ने इस वीडियो को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X (पूर्व में ट्विटर) पर साझा करते हुए घटना की कड़ी निंदा की। उन्होंने इसे “खुला नस्लवाद” करार दिया।
अपने पोस्ट में अमजद ताहा ने लिखा,“एक सऊदी नागरिक रियाद एग्जिबिशन में एक भारतीय पर सिर्फ हिंदू होने और स्टैंड लगाने की वजह से हमला कर रहा है। यह अज्ञानता को हथियार बनाने जैसा है। यह गरिमा, आस्था और आज़ाद बिजनेस पर सीधा हमला है।”
उन्होंने भारत को एक “महान सभ्यता” बताते हुए कहा कि यह देश “सांप्रदायिक गुंडों” का निशाना नहीं बन सकता।
उन्होंने आगे लिखा,“बिजनेस कोई मस्जिद की हाजिरी नहीं है। आधुनिक समाज में फेथ पुलिसिंग की कोई जगह नहीं है। यह शर्मनाक, अपमानजनक और पूरी तरह अस्वीकार्य है।”
सोशल मीडिया पर लोगों का गुस्सा
सोशल मीडिया पर इस घटना को लेकर लोगों ने तीखी प्रतिक्रिया दी है।एक यूजर ने लिखा,“वह L&T जैसी 60–70 बिलियन डॉलर की कंपनी के साथ ऐसा कर रहा है। वह सऊदी शख्स शायद इस कंपनी में नौकरी के लिए भी क्वालिफाई न कर पाए।”
