अरब और मुस्लिम देशों के नेता सोमवार को सऊदी अरब की राजधानी रियाद पहुंच रहे हैं. यह सम्मेलन ग़ज़ा और लेबनान में इसराइल के साथ चल रहे युद्ध पर केंद्रित है.
सऊदी अरब की सरकारी मीडिया एजेंसी वफ़ा के मुताबिक़,“फ़लस्तीनी और लेबनानी क्षेत्रों में बढ़ती हिंसा, जिसमें क्रूर इसराइली आक्रमण भी शामिल हैं, ने अरब और इस्लामी नेताओं को तत्काल कार्रवाई करने के लिए मजबूर किया है.”
इस सम्मेलन की मुख्य प्राथमिकता, फ़लस्तीनी और लेबनानी क्षेत्रों में इसराइली आक्रमण को रोकना, आम लोगों की रक्षा करना, और क्षेत्र में शांति के साथ स्थिरता स्थापित करने के नज़रिए से अंतरराष्ट्रीय समुदाय पर दबाव बनाना है.रियाद में चल रहे इस सम्मेलन में शामिल होने के लिए पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज़ शरीफ़ भी सऊदी अरब पहुंचे.
उन्होंने एक्स पर एक पोस्ट में लिखा, “रियाद पहुंच गया हूं, जहां मैं ग़ज़ा में तेज़ी से बिगड़ती स्थिति पर चर्चा करने के लिए आयोजित संयुक्त अरब इस्लामिक शिखर सम्मेलन में मुस्लिम उम्माह के नेताओं के साथ शामिल होऊंगा और फ़लस्तीनियों के अधिकारों के लिए आवाज़ उठाऊंगा.”पाकिस्तान के उपप्रधानमंत्री और विदेश मंत्री मोहम्मद इसहाक़ डार ने भी इस कार्यक्रम में शिरकत की.
