पटना, 4 फरवरी 2026: बिहार में दो चरणों में शुरू हुआ भूमि सर्वेक्षण अब तक पूरा नहीं हो पाया है। इसको लेकर बिहार सरकार के उपमुख्यमंत्री एवं राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग के मंत्री विजय कुमार सिन्हा ने बुधवार को अधिकारियों के साथ बैठक कर सर्वेक्षण को अगले दो वर्षों में पूरा करने का आदेश दिया।
मंत्री ने की सख्त चेतावनी
विजय सिन्हा ने कहा कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार द्वारा 2011 में घोषित बिहार विशेष भूमि सर्वेक्षण को दो वर्षों में पूरा करना था। उन्होंने अधिकारियों को प्रत्येक जिले में तय समय-सीमा के अनुसार विस्तृत रिपोर्ट पेश करने का निर्देश दिया।
सिन्हा ने साफ़ कहा कि किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने चेतावनी दी कि गलत रिपोर्टिंग या मनमानी करने वाले अधिकारियों के खिलाफ कड़ी प्रशासनिक और कानूनी कार्रवाई होगी।
साथ ही उन्होंने आम नागरिकों से अपील की कि यदि उन्हें किसी भी प्रकार की गड़बड़ी नजर आए तो वह लिखित शिकायत विभाग को दें, ताकि तुरंत कार्रवाई की जा सके।
विभाग के सचिव ने दी स्थिति रिपोर्ट
राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग के सचिव जय सिंह ने बताया कि पहले चरण में 20 जिलों के 89 अंचलों में विशेष सर्वेक्षण कर्मियों की समय पर नियुक्ति न होने के कारण दिसंबर 2021 तक सर्वे का काम पूरा नहीं हो पाया।
दूसरे चरण में शेष 36 जिलों के 444 अंचलों के 37,419 राजस्व ग्रामों में हवाई सर्वेक्षण, ऑर्थोफोटोग्राफ, ग्रामस्तरीय उद्घोषणा और ग्राम सभा का कार्य शुरू किया गया। इस क्रम में रैयतों से 2.70 करोड़ से अधिक स्वघोषणाएं प्राप्त हुई हैं।
सचिव जय सिंह ने कहा कि प्रथम चरण में 20 जिलों के 89 अंचलों के 5,657 राजस्व ग्रामों में सर्वेक्षण की सभी प्रक्रियाएँ शत-प्रतिशत पूरी हो चुकी हैं।
आगे की कार्य योजना
विभाग की योजना के अनुसार अगले दो वर्षों में सभी अंचलों में सर्वेक्षण पूर्ण किया जाएगा और यह सिर्फ औपचारिकता नहीं बल्कि भूमि सुधार का आधार बनेगा।
