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अलीगंज अग्निकांड के बाद LDA का सख्त एक्शन, भूमि IAS समेत कई कोचिंग सेंटर और लाइब्रेरी सील

लखनऊ। अलीगंज अग्निकांड में 15 लोगों की मौत के बाद लखनऊ विकास प्राधिकरण (एलडीए) ने शहरभर में सुरक्षा मानकों की व्यापक जांच शुरू कर दी है। गुरुवार को एलडीए, अग्निशमन विभाग और पुलिस की संयुक्त टीम ने विभिन्न क्षेत्रों में संचालित कोचिंग सेंटरों, लाइब्रेरी और व्यावसायिक प्रतिष्ठानों का निरीक्षण किया। जांच के दौरान मानकों का उल्लंघन पाए जाने पर गोमतीनगर स्थित भूमि IAS कोचिंग, विद्या मंदिर कोचिंग और दृष्टिकोण लाइब्रेरी को सील कर दिया गया।

एलडीए उपाध्यक्ष प्रथमेश कुमार के निर्देश पर चलाया जा रहा यह विशेष अभियान अगले तीन सप्ताह तक जारी रहेगा। इसके तहत कोचिंग सेंटर, लाइब्रेरी, होटल, नर्सिंग होम, डांस स्टूडियो, प्ले-ग्रुप स्कूल और अन्य व्यावसायिक भवनों की फायर सेफ्टी, पार्किंग और भवन मानचित्र संबंधी मानकों के आधार पर जांच की जाएगी।

अधिकारियों ने बताया कि जिन भवनों में सुरक्षा नियमों का उल्लंघन मिलेगा, उनके खिलाफ तत्काल नोटिस जारी करने के साथ सीलिंग की कार्रवाई भी की जाएगी। इससे पहले बुधवार को एलडीए ने शहर के 71 प्रतिष्ठानों को सील किया था। इनमें एलन, आकाश, ग्रेविटी, गवर्नमेंट एग्जाम वाला और पैरामाउंट जैसे बड़े कोचिंग संस्थान भी शामिल थे। साथ ही 83 भवन स्वामियों को नोटिस जारी किए गए हैं।

गोमतीनगर स्थित भूमि IAS कोचिंग सेंटर में निरीक्षण के दौरान कई गंभीर खामियां सामने आईं। अधिकारियों के अनुसार यहां कक्षाएं अत्यधिक संकरी जगह में संचालित हो रही थीं, फायर एग्जिट की व्यवस्था नहीं थी और प्रवेश-निकास का रास्ता भी बेहद संकरा पाया गया। इसी प्रकार विराज खंड स्थित विद्या मंदिर कोचिंग के खिलाफ भी फायर सेफ्टी मानकों का पालन न करने पर कार्रवाई की गई।

इस बीच अलीगंज अग्निकांड की जांच में भी लगातार नए तथ्य सामने आ रहे हैं। लखनऊ विकास प्राधिकरण के अनुसार जिस भवन में आग लगी थी, उसका नक्शा वर्ष 2016 में आवासीय उपयोग के लिए स्वीकृत किया गया था, लेकिन बाद में वहां व्यावसायिक गतिविधियां शुरू कर दी गईं। इस मामले में तत्कालीन अधिकारियों की भूमिका की जांच की जा रही है। अब तक 19 इंजीनियरों और 6 पीसीएस अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की जा चुकी है, जिनमें कुछ सेवानिवृत्त अधिकारी भी शामिल हैं।

गौरतलब है कि 22 जून को अलीगंज की एक बहुमंजिला इमारत में भीषण आग लगने से हेड हॉपर स्टूडियो में काम करने वाले 15 लोगों की मौत हो गई थी। हादसे के बाद से प्रशासन सुरक्षा मानकों को लेकर सख्त रुख अपनाए हुए है। राज्य सरकार ने घटना से संबंधित राहत कार्य, एफआईआर, गिरफ्तारी, एसआईटी जांच और प्रशासनिक कार्रवाई की विस्तृत रिपोर्ट प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO) को भी भेज दी है।

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