बिहार में विकासशील इंसान पार्टी (वीआईपी) के प्रमुख मुकेश सहनी के पिता की हत्या पर अलग-अलग राजनीतिक दलों के नेताओं ने कड़ी प्रतिक्रिया दी है.
राष्ट्रीय जनता दल (आरजेडी) के प्रवक्ता शक्ति सिंह यादव ने कहा कि बिहार में कोई राजनीतिक नेता सुरक्षित नहीं है. व्यवस्था पूरी तरह ध्वस्त हो चुकी है.
उन्होंने कहा, ”बिहार में ये हो क्या रहा है. कोई ऐसा दिन नही है जहां हत्या की ख़बर नहीं आती है. शासन पूरी तरह पंगु हो गया है. माइंडलेस गवर्नमेंट है बिहार में. शासक अचेत अवस्था में है. अभी तक पता भी नहीं होगा कि बिहार में कोई घटना घटी है. बिहार में व्यवस्था ध्वस्त हो गई है. राज्य भगवान भरोसे है.”
आरजेडी नेता मृत्युंजय तिवारी ने कहा, ”बिहार में जब राजनेता का परिवार सुरक्षित नहीं है तो आम लोग तो भगवान भरोसे हैं.”
वहीं पूर्णिया से निर्दलीय सांसद पप्पू यादव ने कहा, ”बिहार में लगातार, हत्या, घटनाएं और बच्चियों का शोषण हो रहा है. पूरा बिहार अपराधियों के चंगुल में है. अपराधी और नेता के गठजोड़ से बिहार चल रहा है. नीतीश बाबू के सुशासन का क्या हुआ? क्या यही सुशासन है?”
बिहार सरकार के मंत्री नितिन नवीन ने बताया कि हत्याकांड की जांच के लिए एसआईटी गठित कर दी गई है.
उन्होंने कहा, ”हत्या की वजह निजी रंजिश हो सकती है. कुछ दूसरी वजहें भी हो सकती हैं. जांच से सच सामने आ जाएगा. जो लोग जंगलराज की बात करते हैं. जंगलराज तो तब था, जब अपराधी तेजस्वी यादव के घर में छिप जाते थे और वहीं से अपनी गतिविधियों को अंजाम देते थे.”
वहीं केंद्रीय मंत्री और बीजेपी सांसद गिरिराज सिंह ने कहा, ”मुकेश सहनी के पिता की हत्या का मामला राजनीतिक विषय नहीं है. मुकेश सहनी के पिता की हत्या पर मैं दु:ख जताता हूं और अपराधी बच नहीं पाएगा. राज्य सरकार इस मामले को लेकर गंभीर है.”
एक और बीजेपी नेता अजय आलोक ने कहा, “हत्या किसी की भी हो यह एक जघन्य अपराध है… 72 घंटों के अंदर इसका पर्दाफ़ाश होगा… सभ्य समाज में आप अपराध को रोक नहीं सकते हैं चाहे आप कितने ही सक्षम हो जाएं.”
