।राजधानी के अलीगंज और राजाजीपुरम इलाके में जलकल विभाग की लापरवाही से हजारों लोग दूषित पानी पीने को मजबूर हैं। यहां पानी की टंकियों से बदबूदार और गंदा पानी सप्लाई हो रहा है, जिससे करीब 20 हजार से ज्यादा लोग प्रभावित हैं।
टंकी की छत टूटी, खुले में जमा हो रहा पानी
अलीगंज और राजाजीपुरम के ई-ब्लॉक में स्थित जलकल विभाग की टंकियों की हालत बेहद खराब है। टंकियों की छतें टूट चुकी हैं, जिससे पानी खुले में जमा रहता है। इसी वजह से चिड़ियों के पंख और गंदगी सीधे पानी में मिल रही है, जो नलों के जरिए घरों तक पहुंच रही है।

- अलीगंज की टंकी की क्षमता: 2200 किलोलीटर
- आखिरी सफाई: 15 अक्टूबर 2025
- टंकी में लगातार रिसाव की भी समस्या
बदबू और संक्रमण का खतरा
स्थानीय लोगों के मुताबिक:
- पानी में अंडे जैसी तेज बदबू आती है
- कई घरों में नलों से पंख और गंदगी निकल रही है
- लोग मजबूरी में प्रदूषित पानी पी रहे हैं
यह स्थिति जलजनित बीमारियों (Water-borne diseases) का खतरा बढ़ा रही है।
शिकायतें बेअसर, जिम्मेदार मौन
स्थानीय निवासियों ने:
- पार्षदों से कई बार शिकायत की
- सीएम जनसुनवाई पोर्टल पर भी मुद्दा उठाया
लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। अलीगंज के पार्षद पृथ्वी गुप्ता के अनुसार, टंकी पर बिजली गिरने से नुकसान हुआ है और जल्द मरम्मत कराई जाएगी।
वहीं राजाजीपुरम की पार्षद गौरी सांवरिया ने नगर निगम अधिकारियों पर शिकायतों को नजरअंदाज करने का आरोप लगाया है।
जलकल विभाग का दावा
जलकल विभाग के महाप्रबंधक कुलदीप सिंह का कहना है कि: टंकियां पुरानी हो चुकी हैं अवस्थापना निधि से मरम्मत का प्रस्ताव पास हो चुका है फिलहाल जांच के बाद ही सीमित हिस्सों में पानी सप्लाई की जा रही है
बड़ा सवाल
जब टंकियां खुली हैं, पानी दूषित है और हजारों लोग प्रभावित हैं—
तो अब तक स्थायी समाधान क्यों नहीं हुआ?
