लखनऊ। गणेश चतुर्थी के अवसर पर राजधानी लखनऊ में गणपति उत्सव की धूम है। चौपटिया स्थित क्षमापति श्री गणेश जी मंदिर भक्तों की आस्था का प्रमुख केंद्र बना हुआ है। मंदिर से जुड़ी एक खास मान्यता विवाह से जुड़ी है। कहा जाता है कि जिन लोगों के विवाह में बाधा आ रही हो, वे मंदिर में नारियल चढ़ाकर यहां की मेहंदी लगाते हैं। मान्यता है कि इससे विवाह की मनोकामना पूरी होती है और मनचाहा जीवनसाथी मिलता है।
मंदिर संतान प्राप्ति और संतान की रक्षा से जुड़ी मान्यताओं के लिए भी प्रसिद्ध है। गणेश चतुर्थी के दौरान यहां 10 दिनों तक भक्तों की भारी भीड़ रहती है। दूर-दूर से श्रद्धालु गणपति के दर्शन और पूजा-अर्चना के लिए पहुंचते हैं।
मेहंदी से जुड़ी है विवाह की मान्यता
मंदिर के अध्यक्ष राजेंद्र नारायण बाजपेई के मुताबिक, चौपटिया का यह मंदिर लखनऊ का प्रमुख गणेश मंदिर है और यहां कई धार्मिक मान्यताएं प्रचलित हैं। उन्होंने बताया कि विवाह में बाधा आने वाले लोग गणेश जी को नारियल चढ़ाते हैं। इसके बाद उन्हें मंदिर की मेहंदी दी जाती है। मान्यता है कि इस मेहंदी को लगाने से विवाह की मनोकामना पूरी होती है और अच्छा जीवनसाथी मिलता है।
मंदिर से जुड़ी आस्था का एक और उदाहरण बताते हुए उन्होंने कहा कि राजकुमार मल्होत्रा का 10 वर्षीय बेटा लापता हो गया था। करीब 15 दिन तक उसका कोई पता नहीं चला। इसके बाद राजकुमार मंदिर पहुंचे और गणेश जी के सामने प्रार्थना की। कुछ समय बाद उन्हें बेटे के मिलने की सूचना मिली।
गणेश चतुर्थी पर बाजारों में बढ़ी रौनक
गणेश चतुर्थी को लेकर लखनऊ के बाजारों में भी खासा उत्साह देखने को मिल रहा है। जगह-जगह गणपति की मूर्तियां खरीदने के लिए श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ रही है। ‘गणपति बप्पा मोरया, मंगल मूर्ति मोरया’ के जयकारों से शहर का माहौल भक्तिमय बना हुआ है।
60 रुपये से 30 हजार तक की गणेश प्रतिमाएं
मूर्तिकार आशीष गुप्ता ने बताया कि वह पिछले करीब 20 वर्षों से गणेश प्रतिमाएं बनाने और बेचने का काम कर रहे हैं। गणेश चतुर्थी की तैयारियां कई महीने पहले शुरू हो जाती हैं। इस बार इको-फ्रेंडली मूर्तियों की मांग भी बढ़ी है।
उन्होंने बताया कि बाजार में 60 रुपये से लेकर 30 हजार रुपये तक की गणेश प्रतिमाएं उपलब्ध हैं। ग्राहक अपनी सुविधा और पसंद के अनुसार मूर्तियां खरीद रहे हैं। मूर्ति निर्माण से जुड़े कारीगरों, व्यापारियों और फुटकर दुकानदारों के लिए गणेश चतुर्थी का पर्व खास कारोबार लेकर आता है।
बेटे की रक्षा के लिए पहली बार स्थापित करेंगी गणपति
गणेश प्रतिमा खरीदने पहुंचीं मंजू कनौजिया ने बताया कि वह पहली बार घर में गणपति की स्थापना करने जा रही हैं। उन्होंने कहा कि बेटे की रक्षा और परिवार की सुख-शांति के लिए वह बप्पा को घर ला रही हैं।
मंजू के मुताबिक, बचपन से घर के बड़े-बुजुर्गों से सुनती आई हैं कि घर में गणपति की स्थापना करने से शांति आती है और परेशानियां दूर होती हैं। इसी आस्था के चलते उन्होंने इस बार गणपति स्थापना का निर्णय लिया है।
