रिपोर्ट – प्रिया बाजपेयी शुक्ला
लखनऊ में शिक्षकों की कमी को लेकर जयप्रकाश नारायण सर्वोदय बालिका विद्यालय की करीब 250 छात्राएं सोमवार सुबह सड़क पर उतर आईं। बारिश के बीच सुबह करीब 7 बजे छात्राओं ने दुबग्गा-कानपुर बाईपास चौराहे पर बैठकर प्रदर्शन शुरू कर दिया। छात्राओं के प्रदर्शन से चौराहे के चारों तरफ करीब 2 से 3 किलोमीटर लंबा जाम लग गया।
छात्राओं का आरोप है कि विद्यालय में फिजिक्स, केमिस्ट्री और बायोलॉजी के शिक्षक नहीं हैं। सालभर से शिकायत के बावजूद शिक्षकों की व्यवस्था नहीं की गई। छात्राओं का कहना है कि इसी साल कई छात्राओं की बोर्ड परीक्षा है, लेकिन पढ़ाई प्रभावित हो रही है। इंटरनेट की उचित व्यवस्था नहीं होने से ऑनलाइन पढ़ाई का विकल्प भी प्रभावी नहीं है।

प्रदर्शन की सूचना पर चार थानों और चौकियों से पुलिस बल मौके पर पहुंचा। पुलिस ने करीब दो घंटे तक छात्राओं को समझाने का प्रयास किया, लेकिन छात्राएं मौके पर जिलाधिकारी को बुलाने की मांग पर अड़ी रहीं।
इसके बाद छात्राएं हजरतगंज स्थित डीएम आवास की ओर जाने लगीं। लखनऊ-हरदोई हाईवे पर छात्राएं दौड़ते हुए आगे बढ़ीं और पुलिसकर्मी भी उनके पीछे दौड़ते नजर आए। करीब 8 किलोमीटर दूर बालागंज चौराहे पर एसीपी काकोरी शकील अहमद ने छात्राओं को रोककर बातचीत की।
एसीपी ने छात्राओं के सामने समाज कल्याण विभाग के अधिकारियों से फोन पर बात की। अधिकारियों ने विद्यालय पहुंचकर छात्राओं से सीधे बातचीत करने और उनकी समस्या का समाधान करने का आश्वासन दिया। इसके बाद छात्राएं वापस स्कूल लौट गईं।

बाद में समाज कल्याण विभाग के प्रमुख सचिव अनुराग यादव भी विद्यालय पहुंचे। वह कुछ दूरी तक कीचड़ में पैदल चलकर स्कूल पहुंचे। उनके साथ सर्वोदय विद्यालय (बालक) के प्रिंसिपल विनोद कुमार भी मौजूद रहे। छात्राओं के वापस लौटने के बाद विद्यालय के बाहर भारी पुलिस बल तैनात कर दिया गया।

14 अगस्त को भी छात्रों ने लगाया था जाम
इससे पहले 14 अगस्त को इसी परिसर के पास स्थित सर्वोदय विद्यालय के छात्रों ने भी लिंक रोड पर जाम लगाया था। इस दौरान समाज कल्याण विभाग के राज्यमंत्री असीम अरुण भी जाम में फंस गए थे। उन्होंने छात्रों से बातचीत कर उन्हें वापस विद्यालय भेजा था।
असीम अरुण ने तब कहा था कि लखनऊ में समाज कल्याण विभाग के दो सर्वोदय विद्यालय संचालित हैं और शिक्षकों की कमी दूर करने के लिए अतिथि शिक्षकों की व्यवस्था की गई थी, लेकिन किसी कारण से हाईकोर्ट की रोक के चलते व्यवस्था प्रभावित हुई। उन्होंने कहा था कि 17 अगस्त को मामले की सुनवाई में बच्चों की समस्या को मजबूती से रखा जाएगा।
