रिपोर्ट -प्रिया बाजपेयी शुक्ला
लखनऊ । राष्ट्रीय कवयित्री मधुमिता शुक्ला हत्याकांड के मुख्य दोषी पूर्व मंत्री अमरमणि त्रिपाठी की राजनीतिक सक्रियता बढ़ने के बाद मधुमिता शुक्ला की बहन निधि शुक्ला और अमनमणि त्रिपाठी की पत्नी सारा सिंह के परिवार ने चिंता जताई है। प्रेसवार्ता कर निधि शुक्ला और सारा सिंह की मां सीमा सिंह ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से न्याय और सुरक्षा की मांग की।
निधि शुक्ला ने आरोप लगाया कि नौतनवा विधानसभा क्षेत्र में अमरमणि त्रिपाठी और अमनमणि त्रिपाठी के समर्थन में एक राजनीतिक कार्यक्रम आयोजित हुआ। इस दौरान भाजपा प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी के समर्थन और अमरमणि-अमनमणि जिंदाबाद के नारे लगाए गए। उन्होंने कहा कि अमरमणि त्रिपाठी की भाजपा में बढ़ती सक्रियता के चलते उनका परिवार खुद को असुरक्षित महसूस कर रहा है।
‘मीडिया की वजह से जेल में रहा अमरमणि’
प्रेसवार्ता के दौरान निधि शुक्ला ने कहा कि उनका मानना है कि अमरमणि त्रिपाठी जितने समय तक जेल में रहा, उसमें मीडिया की बड़ी भूमिका रही। उन्होंने बताया कि वर्ष 2003 से शुरू हुई उनकी लड़ाई में परिवार लगातार भय और दबाव के बीच न्याय के लिए संघर्ष करता रहा। कई बार डर और निराशा के बावजूद मीडिया के सहयोग से उन्होंने अपनी लड़ाई जारी रखी।
अगले महीने प्रकाशित होगी ‘मेरी बहन का कत्ल’
निधि शुक्ला ने बताया कि मधुमिता शुक्ला हत्याकांड से जुड़े ऑन रिकॉर्ड और ऑफ रिकॉर्ड तथ्यों को उन्होंने एक किताब में संकलित किया है। ‘मेरी बहन का कत्ल’ नाम से लिखी गई यह पुस्तक अगले महीने प्रकाशित और विमोचित की जाएगी।उन्होंने कहा कि किताब में मामले से जुड़े कई ऐसे तथ्य शामिल हैं, जो अब तक सार्वजनिक नहीं हुए हैं।
अमरमणि सत्ता में आया तो खतरा बढ़ जाएगा
निधि शुक्ला ने आरोप लगाया कि नौतनवा क्षेत्र में अमरमणि त्रिपाठी और भाजपा प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी के समर्थन में लगाए गए नारों के बाद उनका परिवार फिर से भय के माहौल में है। उन्होंने कहा कि यदि अमरमणि त्रिपाठी को दोबारा राजनीतिक संरक्षण मिलता है या वह प्रभावशाली स्थिति में आता है तो उनके परिवार की सुरक्षा पर खतरा बढ़ सकता है।निधि शुक्ला ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के पूर्वांचल को मच्छर और माफिया मुक्त बनाने के संकल्प का भी हवाला दिया।
2003 में हुई थी मधुमिता शुक्ला की हत्या
निधि शुक्ला के मुताबिक, 9 मई 2003 को लखनऊ स्थित आवास पर राष्ट्रीय कवयित्री मधुमिता शुक्ला की हत्या हुई थी। मामले की जांच पहले सीबी-सीआईडी और बाद में सीबीआई ने की। निष्पक्ष सुनवाई के लिए सुप्रीम कोर्ट ने मुकदमे को उत्तर प्रदेश से उत्तराखंड स्थानांतरित कर दिया था।
देहरादून की अदालत, नैनीताल हाईकोर्ट और बाद में सुप्रीम कोर्ट ने भी अमरमणि त्रिपाठी, मधुमणि त्रिपाठी समेत अन्य दोषियों की उम्रकैद की सजा बरकरार रखी थी।
रिहाई और राजनीतिक गतिविधियों पर उठाए सवाल
प्रेसवार्ता में निधि शुक्ला ने आरोप लगाया कि सजा के दौरान अमरमणि त्रिपाठी लंबे समय तक जेल से बाहर रहा। इसके बाद उसकी रिहाई की प्रक्रिया पर भी सवाल उठे। उन्होंने कहा कि अब अमरमणि की सार्वजनिक और राजनीतिक गतिविधियों से पीड़ित परिवारों में एक बार फिर असुरक्षा की भावना पैदा हो रही है।
इस दौरान सारा सिंह की मां सीमा सिंह भावुक हो गईं। परिवार ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मामले में न्याय और सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग की।
