लखनऊ। Uttar Pradesh Metro Rail Corporation ने लखनऊ मेट्रो के विस्तार की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। वसंत कुंज से आईआईएम रोड तक प्रस्तावित नए मेट्रो कॉरिडोर के लिए सर्वे का काम शुरू कर दिया गया है।
सर्वे के आधार पर रूट की अंतिम लंबाई, संभावित स्टेशनों और बजट का निर्धारण किया जाएगा। इसके बाद निर्माण कार्य शुरू होगा।
करीब 10 किलोमीटर लंबा होगा नया रूट
प्रस्तावित कॉरिडोर की लंबाई लगभग 10 किलोमीटर हो सकती है। सर्वे के दौरान यह तय किया जाएगा कि:
-
किन हिस्सों में मेट्रो एलिवेटेड (ऊपर) चलेगी
-
किन क्षेत्रों में अंडरग्राउंड ट्रैक बनाया जाएगा
संभावना है कि इस रूट का अधिकांश हिस्सा एलिवेटेड होगा।
छात्रों को मिलेगा बड़ा फायदा
वसंत कुंज से आईआईएम रोड तक का इलाका शैक्षणिक संस्थानों से जुड़ा हुआ है। नए मेट्रो कॉरिडोर से हजारों छात्रों को सीधा लाभ मिलेगा।
अभी इस क्षेत्र में मेट्रो सुविधा नहीं होने के कारण लोग निजी वाहनों का अधिक इस्तेमाल करते हैं, जिससे ट्रैफिक दबाव बढ़ जाता है। मेट्रो शुरू होने से ट्रैफिक जाम में कमी आने की उम्मीद है।
कब शुरू हुई थी लखनऊ मेट्रो?
लखनऊ मेट्रो सेवा सितंबर 2017 में शुरू हुई थी। वर्तमान में रेड लाइन (उत्तर-दक्षिण कॉरिडोर) पर ट्रेनें संचालित हो रही हैं, जो Chaudhary Charan Singh International Airport से मुंशीपुलिया तक चलती हैं।
यह कॉरिडोर लगभग 23 किलोमीटर लंबा है, जिसमें:
-
17 एलिवेटेड स्टेशन
-
4 अंडरग्राउंड स्टेशन
शामिल हैं और रोजाना हजारों यात्री सफर करते हैं।
लखनऊ में कितने मेट्रो स्टेशन?
मौजूदा समय में रेड लाइन पर कुल 21 स्टेशन संचालित हैं। इनमें प्रमुख स्टेशन हैं:
-
अमौसी
-
आलमबाग
-
चारबाग
-
हुसैनगंज
-
सचिवालय
-
हजरतगंज
-
केडी सिंह बाबू स्टेडियम
आगे की राह
सर्वे पूरा होने के बाद विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (DPR) तैयार की जाएगी। मंजूरी मिलने के बाद निर्माण कार्य शुरू होगा।
लखनऊ मेट्रो का यह विस्तार शहर के ट्रैफिक प्रबंधन और सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में अहम कदम माना जा रहा है।
