रिपोर्ट: प्रिया बाजपेयी शुक्ला
लखनऊ में नगर निगम ने अवैध डेयरियों से जब्त किए गए 243 पशुओं की 58 लाख 89 हजार रुपये में नीलामी की। सोमवार सुबह 11 बजे शुरू हुई नीलामी के दौरान सपा यूथ ब्रिगेड और आजाद समाज पार्टी के कार्यकर्ताओं ने विरोध प्रदर्शन किया। प्रदर्शन के दौरान सीतापुर से नीलामी में शामिल होने आए एक युवक के साथ मारपीट भी हुई।
प्रदर्शनकारियों का आरोप था कि नीलामी में लखनऊ के बाहर से लोग पहुंचे हैं, जिनमें कई कसाई भी शामिल हैं। हंगामा बढ़ने पर पुलिस ने मौके पर पहुंचकर स्थिति संभाली। इसके बाद सपा विधायक अरमान खान भी नगर निगम मुख्यालय पहुंचे और कार्यकर्ताओं के साथ धरने पर बैठ गए।
प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच धक्का-मुक्की हुई। पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को मौके से हटाकर बसों से ईको गार्डन भेज दिया। विधायक अरमान खान ने अपर नगर आयुक्त डॉ. अरविंद कुमार राव को पत्र देकर नीलामी स्थगित करने की मांग की, लेकिन अधिकारियों ने प्रक्रिया जारी रखने का फैसला किया।

छह स्थानों से लाई गई थीं भैंसें
पारा क्षेत्र में अवैध डेयरियों के खिलाफ 17 और 18 अगस्त को नगर निगम ने अभियान चलाया था। इस दौरान 241 भैंस, एक भैंसा और एक पड़िया पकड़े गए थे। सभी पशुओं को अलग-अलग कांजी हाउस और गौशालाओं में रखा गया था।
नगर निगम ने नीलामी में शामिल होने के लिए 1,02,100 रुपये की धरोहर राशि निर्धारित की थी। एक भैंस की न्यूनतम बोली करीब 20,500 रुपये रखी गई थी।
किसने कितने में जीती नीलामी
- पीजीआई कांजी हाउस: 31 भैंसें — 9.51 लाख रुपये
- कान्हा उपवन: 71 भैंस और एक भैंसा — 15.13 लाख रुपये
- राधा उपवन: 46 भैंसें — 9.67 लाख रुपये
- आलमबाग कांजी हाउस: 33 भैंसें — 7.06 लाख रुपये
- ठाकुरगंज कांजी हाउस: 40 भैंसें — 12.01 लाख रुपये
- ऐशबाग कांजी हाउस: 20 भैंस और एक पड़िया — 5.51 लाख रुपये
नगर निगम के अनुसार नीलामी का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि जब्त किए गए पशु दोबारा अवैध डेयरी संचालकों के हाथ न पहुंचें।
