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“लखनऊ में सवर्ण मोर्चा ने UGC के नए नियमों के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन”

लखनऊ में सवर्ण मोर्चा ने विश्वविद्यालय अनुदान आयोग के नए नियमों के विरोध में जोरदार प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक के आवास पर पहुंचकर शंख बजाकर अपना विरोध दर्ज कराया। इस दौरान उन्होंने यूजीसी के नए नियमों को ‘काला कानून’ बताते हुए इसे वापस लेने की मांग उठाई।

प्रदर्शनकारियों ने उठाए सवाल, डिप्टी सीएम ने दिया आश्वासन

प्रदर्शन के दौरान सवर्ण मोर्चा के सदस्यों ने डिप्टी सीएम से सवाल किया कि आखिर यूजीसी के नए नियम क्यों लागू किए जा रहे हैं। इस पर ब्रजेश पाठक ने हाथ जोड़कर प्रदर्शनकारियों का अभिवादन किया और कहा कि वे स्वयं सामान्य वर्ग से आते हैं। उन्होंने भरोसा दिलाया कि किसी भी छात्र के साथ अन्याय नहीं होने दिया जाएगा। उनके आश्वासन के बाद प्रदर्शनकारी शांत हो गए और प्रदर्शन समाप्त कर दिया गया।

संगठन के पदाधिकारियों की मौजूदगी, सरकार से जवाब की मांग

इस प्रदर्शन में संगठन के संयोजक संदीप सिंह, राष्ट्रीय प्रवक्ता पंडित अभिनव नाथ त्रिपाठी और बसंत सिंह बघेल समेत बड़ी संख्या में लोग शामिल हुए। संयोजक संदीप सिंह ने कहा कि भारतीय जनता पार्टी के कई पदाधिकारी और सत्ता में बैठे लोग सवर्ण समाज से हैं, ऐसे में उनसे लगातार सवाल पूछे जा रहे हैं।

उन्होंने बताया कि संगठन के 50 से अधिक कार्यकर्ता डिप्टी सीएम के आवास पर पहुंचे और कहा कि यह कानून भारतीय जनता पार्टी द्वारा लाया जा रहा है, जिस पर फिलहाल कोर्ट ने रोक लगा दी है। उन्होंने सवाल उठाया कि इस तरह के ‘काला कानून’ को लाने की आवश्यकता क्यों पड़ी।

आंदोलन जारी रखने की चेतावनी

संदीप सिंह ने आरोप लगाया कि उच्च शिक्षण संस्थानों में सवर्ण समाज को नुकसान पहुंचाने की साजिश रची जा रही है, जिसे संगठन किसी भी कीमत पर सफल नहीं होने देगा। उन्होंने कहा कि अगर सरकार कह रही है कि किसी छात्र का अहित नहीं होगा, तो फिर ऐसे नियम लाने की जरूरत ही क्या है।

उन्होंने यह भी कहा कि पहले से ही दलित एक्ट के प्रावधान लागू हैं, ऐसे में नए नियमों की आवश्यकता पर सवाल खड़े होते हैं। उनके अनुसार, यदि कोई फर्जी मुकदमा दर्ज हो जाता है तो सवर्ण छात्रों का भविष्य प्रभावित हो सकता है। इसलिए संगठन शुरू से ही इसका विरोध कर रहा है और जब तक यह कानून पूरी तरह वापस नहीं लिया जाता, आंदोलन जारी रहेगा।

 

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