लखनऊ। राजधानी लखनऊ में स्मार्ट मीटर को लेकर लोगों का विरोध लगातार तेज होता जा रहा है। बढ़े हुए बिजली बिल, बार-बार रिचार्ज की जरूरत और तकनीकी खामियों से परेशान उपभोक्ता अब खुलकर नाराजगी जता रहे हैं। हालात ऐसे हैं कि लोग अपने स्थानीय पावर हाउस के साथ-साथ बर्लिंगटन चौराहे स्थित 1912 मुख्यालय तक बिल जमा करने पहुंच रहे हैं, जहां सर्वर डाउन की समस्या ने उनकी मुश्किलें और बढ़ा दी हैं।
शुक्रवार को 1912 मुख्यालय पर बड़ी संख्या में लोग बिल जमा करने और शिकायत दर्ज कराने पहुंचे। लेकिन सर्वर ठप होने के कारण कई उपभोक्ताओं को घंटों इंतजार करना पड़ा, जबकि कुछ बिना काम कराए ही लौट गए। लाइन में खड़े लोगों का कहना था कि वे अपना काम छोड़कर आए हैं, लेकिन यहां भी सिस्टम फेल है।
बालू अड्डा निवासी प्रीति कन्नौजिया ने बताया कि उन्होंने 1 अप्रैल को 1700 रुपए जमा किए थे, लेकिन अब उन्हें 4000 रुपए और जमा करने को कहा जा रहा है। उनका आरोप है कि बिना पूर्व सूचना के पुराने मीटर हटाकर स्मार्ट मीटर लगा दिए गए। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि समस्या का समाधान नहीं हुआ तो मोहल्ले के लोग विरोध प्रदर्शन करेंगे।
वहीं, पुराने लखनऊ की रहने वाली आसिफा अपनी समस्या बताते-बताते भावुक हो गईं। उन्होंने बताया कि मीटर बदलते समय गलत जानकारी दी गई थी। अब कम खपत के बावजूद बिल लगातार बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि 1800 रुपए माइनस में होने के बावजूद उनका कनेक्शन काट दिया गया और मीटर की यूनिट लगातार बढ़ रही है। “अगर सुनवाई नहीं हुई तो हम सड़क पर उतरेंगे,” उन्होंने कहा।
नगर निगम कर्मचारी राकेश कुमार नानू ने भी अपनी परेशानी साझा करते हुए बताया कि उन्होंने एक हफ्ते में करीब 12 हजार रुपए जमा किए, इसके बावजूद बिजली सप्लाई बहाल नहीं हुई। उन्होंने कहा कि बार-बार भुगतान के बाद भी समस्या जस की तस बनी हुई है।
इसी तरह, शेर-ए-आलम का कहना है कि स्मार्ट मीटर लगने के बाद से बिजली बिल में अचानक बढ़ोतरी हुई है। उन्होंने आरोप लगाया कि रिचार्ज जल्दी खत्म हो जाता है और बार-बार भुगतान करना पड़ता है, जिससे आर्थिक बोझ बढ़ रहा है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि जल्द ही समस्या का समाधान नहीं किया गया तो वे सामूहिक रूप से विरोध प्रदर्शन करेंगे। फिलहाल, स्मार्ट मीटर को लेकर उपभोक्ताओं में असंतोष बढ़ता जा रहा है और यह मुद्दा बड़े आंदोलन का रूप ले सकता है।
